ED का बड़ा एक्शन-मायावती राज में कौड़ियों के भाव खरीदी 3 चीनी मिल कुर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री मायावती की सरकार के दौरान कौड़ियों के भाव पूर्व एमएलसी एवं उसके रिश्तेदारों द्वारा खरीदी गई तीन चीनी मिलों को प्रवर्तन निदेशालय ने कुर्क कर लिया है। देर रात तक चलती रही छानबीन के बाद पूर्व एमएलसी और उसके रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली तीन चीनी मिलों को कुर्क किए जाने से अब चारों तरफ हड़कंप मचा हुआ है।
उत्तर प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय की लखनऊ जोन टीम द्वारा चीनी मिल घोटाले के आरोपी बसपा के पूर्व सहारनपुर एमएलसी मोहम्मद इकबाल और उसके रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली तीन चीनी मिलों को कुर्क कर लिया है।
उत्तर प्रदेश के बैतालपुर, भटनी और शाहगंज स्थित इन तीन चीनी मिलों की कीमत तकरीबन 10 अरब रुपए होना बताई गई है। बृहस्पतिवार की देर रात तक छानबीन करने वाली प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने मैसर्स मेलो इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स डायनेमिक शुगर प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स हनीवेल शुगर प्राइवेट लिमिटेड को कुर्क करते हुए अपने कब्जे में ले लिया है।
चीनी मिल घोटाले के मामले की जांच कर रही सीबीआई द्वारा इस संबंध में दर्ज की गई एफआईआर में आरोप लगा था कि पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल एवं उसके सहयोगियों ने धोखाधड़ी करते हुए विनिवेश प्रक्रिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश में कई चीनी मिलों का धोखाधड़ी से अधिग्रहण कर लिया था।
इस एफआईआर के आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अपनी जांच को आगे बढ़ाया गया था। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही जांच में सामने आया था कि पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल एवं उसके सहयोगियों ने चीनी मिलों का बहुत कम कीमत पर मूल्यांकन करते हुए इन्हें नीलामी के जरिए अधिग्रहित कर लिया था।
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही जांच में यह भी पूरी तरह से साफ होकर आया कि नीलामी में अधिग्रहित की गई चीनी मिलों का बाजार मूल्य उन कीमतों से बहुत ज्यादा था जिन पर इन्हें मिली भगत करके बेचा गया था।
इस खरीद फरोख्त में पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल की अवैध कमाई से मिली रकम लगाई गई थी। प्रवर्तन निदेशालय को जांच के दौरान कई अन्य अहम जानकारियां हाथ लगी थी।