खबरदार होशियार आ रहे लाट साहब- ढकी जा रही हैं मस्जिदे एवं मजार

खबरदार होशियार आ रहे लाट साहब- ढकी जा रही हैं मस्जिदे एवं मजार

शाहजहांपुर। लाट साहब की सवारी निकालने के लिए इलाके की मस्जिद एवं मजारों को तिरपाल से ढककर कवर किया जा रहा है। लाट साहब की सवारी की तैयारियां जोर शोर के साथ चल रही है। पूरी शानो शौकत के साथ लाट साहब अपने गले में जूतों की माला डालकर बैलगाड़ी पर सवार होते हुए सड़कों पर मुआयना करने के लिए निकलेंगे।

दरअसल होली के दिन लाट साहब का जुलूस निकालने की अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा के अंतर्गत आगामी 8 मार्च को महानगर में लाट साहब का जुलूस निकाला जाएगा। होली का रंग ना पड़े इसलिए शाहजहांपुर और संभल की मस्जिदों एवं मजारों को तिरपाल एवं पन्नी से ढक कर कवर किया जा रहा है।


अंग्रेजों के शासन के क्रूर अफसरों के विरोध में शुरू की गई लाट साहब की परंपरा का अभी तक निर्वहन हो रहा है। हर साल होली के दिन लाट साहब का जुलूस निकाला जाता है। जुलूस की शुरुआत के लिए एक युवक का चयन कर उसे लाट साहब चुनते हुए उसके चेहरे को ढक कर उसके गलों में जूते की माला पहनाई जाती है। फिर लाट साहब बैलगाड़ी में सवार होकर नगर की सड़कों से होते हुए भ्रमण करते हैं। इस दौरान लाट साहब पर अबीर और गुलाल के साथ साथ पब्लिक द्वारा जूते चप्पल भी फेंके जाते हैं।

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