गर्मी से बेहाल होकर पेड़ से आम की तरह टपककर गिरे चमगादड़- 700....

उमरिया। भीषण गर्मी की मार से बेहाल हुए चमगादड़ पेड़ से आम की तरह टपककर नीचे गिरने लगे देखते ही देखते 700 चमगादड़ों की मौत हो गई 2 घंटे के भीतर इतनी बड़ी संख्या में चमगादड़ों को मारे देखकर लोगों में गर्मी के प्रति और अधिक दहशत पसर गई है।
ईश्वर द्वारा बनाई गई प्राकृतिक व्यवस्था से की गई छेड़छाड़ अब इंसानी जिंदगी के साथ पशु पक्षी और कीड़े मकोड़े पर भी बुरी तरह से भारी पड़ रही है। अत्यधिक मात्रा में भूजल का दोहन किए जाने और आर्थिक लाभ के लिए वृक्षों का कटान किए जाने की वजह से बिगड़े पर्यावरण संतुलन के चलते वातावरण में उत्पन्न हुई गर्मी अब आम जनमानस के साथ-साथ पशु पक्षियों पर भी बुरी तरह से भारी पड़ रही है।
हालात ऐसे हो चले हैं कि नौतपा के आज सातवें दिन भी सुबह से आसमानी आग बरस रही है, यहां करीब 44 डिग्री सेल्सियस के पार पारे ने अपना कब्जा जमाया है।जिसके कारण जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। गर्मी से बेहाल मानव जीवन में कई समस्याओं ने जहां जन्म लिया है। वहीं पशु पक्षी भी भीषण तपन का शिकार हो रहे हैं। भीषण गर्मी को नहीं सह पाने के कारण लगभग 500 से 700 सौ चमगादड़ों की मौत हो गई है। देखते ही देखते दो घंटों में एक साथ बड़ी संख्या में इन चमगादड़ों की मौत आग उगलती इस गर्मी का सबसे बड़ा उदाहरण है।
मामला है उमरिया जिले के ग्राम सरसवाही गांव का जहां सैकड़ों सालों से अपना डेरा जमाये चमगादड़ एक आम के बगीचे में रहते आ रहे हैं। लेकिन इस वर्ष तप रहे इस नौतपा की भीषण गर्मी उनसे भी सहन नहीं है पाई और एक साथ करीब 500 से 700 सौ चमगादड़ों की मौत हो गई। बताया जाता है कि इस गांव में ऐसी घटना पहले कभी भी नहीं हुई है और इस बार गर्मी का प्रकोप अधिक है, जिसके कारण पशु पक्षी और इंसान सभी इससे प्रभावित हुए हैं।
वहीं इस घटना को लेकर विटनरी विभाग के उप संचालक डा. के के पाण्डेय ने बताया है कि गर्मी की तपन अधिक है, उमरिया में 44 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पारा चढ़ रहा है, जिसके कारण ही इन चमगादड़ों की मौत हुई है। उधर घटना को लेकर गांव में कई तरह के शगुन-अपशगुन की चर्चाएं भी जोरों पर है, बहरहाल भीषण गर्मी में मानव जीवन के साथ साथ पशु पक्षी भी इसकी चपेट में आये हैं।
रिपोर्ट-चंदन श्रीवास प्रभारी खोजी न्यूज़ मध्य प्रदेश