केजरीवाल के बाद अब भगवंत मान पर आफत- हाईकोर्ट पहुंचे पूर्व डीजीपी

चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव-2024 के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद अब मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान सरकार पर भी आफत आ गई है। राज्य के डीजीपी रहे आईपीएस अफसर ने हाईकोर्ट पहुंचकर सरकार पर आरोप लगाया है कि अवैध कामों का दबाव डाले जाने पर जब उन्होंने इससे मना किया तो उन्हें पद से हटा दिया गया। इस मामले में अब 4 जुलाई को सुनवाई की तारीख निश्चित की गई है।
मंगलवार को पंजाब के डीजीपी रहे विरेश कुमार भावरा ने हाईकोर्ट पहुंचकर अपनी अर्जी दाखिल करते हुए पंजाब की भगवान सिंह मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार की ओर से अवैध काम करने के लिए पूर्व डीजीपी पर दबाव डाला गया था।
पूर्व डीजीपी का कहना है कि भगवान सिंह मान सरकार ने मुझे अवैध काम करने को कहा था, इसके अलावा सत्ता में आते ही भागवत मान सरकार की ओर से उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। इसके अलावा राज्य के महत्वपूर्ण लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही किए जाने की बात कही गई थी।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच के जस्टिस दीपक सिंबल एवं जस्टिस दीपक मनचंदा की बेंच में दी गई अर्जी में कहा गया है कि सरकार ने जब 2022 में सत्ता संभाली थी तो मेरे ऊपर पद छोड़ने का दबाव डाला गया था।
डीजीपी का कहना है कि सरकार ने आते ही उन्हें पद से हटा दिया, जबकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रांसफर को लेकर कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं, जिनका सरकार द्वारा उल्लंघन किया गया है। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।