कानून मंत्री को कोर्ट का झटका- दिल्ली मामले में दर्ज होगी एफआईआर

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को अदालत से जोर का झटका लगा है। वर्ष 2020 में हुए दिल्ली दंगों में कानून मंत्री की संलिप्तता को लेकर अदालत ने बीजेपी नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच के आदेश दिए हैं।
मंगलवार को राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से दिए गए बड़े आदेशों के अंतर्गत वर्ष 2020 में दिल्ली में हुए दंगों में दिल्ली सरकार के कानून मंत्री की संलिप्तता को लेकर भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे जांच किए जाने के आदेश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 की 24 फरवरी को राजधानी में शुरू हुआ दंगा 25 फरवरी को जाकर थमा था।नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुए इस दंगे की चपेट में आकर 53 लोगों की जान चली गई थी और घायल हुए 250 से भी ज्यादा लोगों को ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। इस दंगे के सिलसिले में कुल 520 लोगों के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी।
दिल्ली के कानून मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच का आदेश देने वाली अदालत ने कहा है कि अपराध के समय भाजपा नेता कपिल मिश्रा उस इस इलाके में मौजूद थे, इसलिए दंगा मामले में आगे की जांच किया जाना जरूरी है।राऊज एवेन्यू कोर्ट के जस्टिस वैभव राजधानी के यमुना विहार निवासी मोहम्मद इलियास की ओर से दाखिल की गई याचिका पर वकीलों द्वारा दी जा रही दलीलें सुन रहे थे। जिसमें कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की डिमांड की गई थी।लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसका विरोध किया था और दावा किया कि दंगों में कपिल मिश्रा की कोई भूमिका नहीं थी।