नोटिस मिलने के बाद जवाब देंगे, माफी का सवाल ही नहीं - मालवीय

भोपाल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक एवं उज्जैन से पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय ने आज कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें भेजा गया नोटिस मिलने पर वे इसका जवाब देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में माफी का सवाल ही नहीं है।
भाजपा विधायक मालवीय ने यहां विधानसभा परिसर में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि उन्हें नोटिस हॉर्ड कॉपी में नहीं मिला है। यह मिलने पर उसका तथ्यों के अनुरूप जवाब दिया जाएगा।
मालवीय ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा है, वह सदन के अंदर का विषय है। यह विधायक का विवेकाधिकार है। जनसमस्याओं को सामने रखने का, सदन को अवगत कराने का विषय है। इसी से जुड़े सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि ये पार्टी का आंतरिक विषय है और इस पर अभी कोई टिप्पणी की आवश्यकता नहीं है। हॉर्ड कॉपी में नोटिस आने पर इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में माफी जैसी कोई बात नहीं है और न ही माफी का सवाल है। भाजपा विधायक ने दावा करते हुए कहा कि उज्जैन सिंहस्थ के संबंध में सभी अखाड़ों ने कहा है कि उन्हें जमीन की आवश्यकता नहीं है।
दरअसल 18 मार्च को सदन में राज्य सरकार के बजट पर चर्चा के दौरान मालवीय ने कहा कि उज्जैन में आने वाले सिंहस्थ 2028 के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जा रही है। किसानों को आशंका है कि इसमें कॉलोनाइजर्स और भूमाफिया का षड़यंत्र हो सकता है। उन्होंने इसी संबंध में कुछ और बातें कही थीं, जिनका विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने समर्थन किया।
इस घटनाक्रम के बीच प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने रविवार रात्रि में मालवीय को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनसे सात दिन में जवाब मांगा है। मालवीय को लिखे गए पत्र के अनुसार ये नोटिस पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा के निर्देशानुसार जारी किया गया है। नोटिस में डॉ मालवीय को संबोधित करते हुए कहा गया है कि उनके द्वारा सार्वजनिक मंचों पर पिछले कुछ समय से सरकार की आलोचना की जा रही है। इन वक्तव्यों और कृत्यों से न केवल पार्टी की प्रतिष्ठा खराब हो रही है, बल्कि सरकार की भी छवि धूमिल हो रही है, जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। पत्र में डॉ मालवीय से कहा गया है कि वे नड्डा के निर्देशानुसार सात दिन के अंदर नोटिस का जवाब दें। डॉ मालवीय रतलाम जिले के आलोट से विधायक हैं।