विशेषाधिकार हनन- इंदिरा भी गई थी जेल- रमेश विधूड़ी का होगा क्या?

नई दिल्ली। नई संसद भवन में भारतीय जनता पार्टी के सांसद रमेश विधूड़ी की ओर से बसपा सांसद को लेकर की गई टिप्पणी में कह गए शब्द अब उनके गले की फांस बन रहे हैं। जिस तरह से बसपा सांसद दानिश अली ने बीजेपी सांसद की आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर लोकसभा स्पीकर को लिखी चिट्ठी में मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का आग्रह किया है, उससे बीजेपी सांसद की मुश्किलें बेतहाशा बढ़ सकती है। क्योंकि विशेषाधिकार हनन के मामले में ही देश की प्रधानमंत्री रही इंदिरा गांधी को भी जेल जाना पड़ा था।
दरअसल भारतीय जनता पार्टी के सांसद रमेश चंद्र विधूड़ी ने नई संसद भवन में बहुजन समाज पार्टी के सांसद के खिलाफ आतंकवादी और उग्रवादी समेत अनेक आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा लोकसभा सीट के सांसद दानिश अली ने बीजेपी सांसद के शब्दों से आहत होकर लोकसभा स्पीकर को लिखित चिट्ठी में कहा है कि मैं आपसे आग्रह करता हूं कि नियम 227 के तहत इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए। मेरा आपसे आग्रह है कि इस मामले में आप जांच के आदेश दें।
बीएसपी सांसद का कहना है कि संसद के भीतर हुई इस बड़ी टिप्पणी के मामले को लेकर कार्यवाही होना जरूरी है। जिससे देश का माहौल और अधिक दूषित नहीं हो।
जहां तक विशेषाधिकार समिति की बात है तो संसदीय विशेषाधिकार सांसदों को दिए गए हैं। भारतीय संसद के किसी भी सदन और उसके सदस्यों तथा समितियां की शक्तियां और विशेषाधिकार संविधान के अनुच्छेद 105 में निर्धारित है। हालांकि यह निर्धारित करने के लिए कोई स्पष्ट एवं अधिसूचित नियम नहीं है कि विशेषाधिकार का हनन क्या है और इसके लिए क्या सजा दी जा सकती है।
आमतौर पर सदन के दौरान कार्यवाही या सदन के किसी भी सदस्य पर उसके चरित्र अथवा आचरण के संबंध में भाषण देना या मानहानि छापना या प्रकाशित करना सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन एवं और मानना है।
विशेषाधिकार हनन के साथ-साथ कई अन्य मामलों में भारत की प्रधानमंत्री रही इंदिरा गांधी को भी जेल जाना पड़ गया था। इमरजेंसी के खत्म होने के बाद तत्कालीन गृहमंत्री चौधरी चरण सिंह द्वारा इंदिरा गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया गया था।