राकेश टिकैत का दबाव नहीं आया काम आरोपी भेजे गए जेल-धरना भी समाप्त

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत द्वारा अपने साथियों के साथ शहर कोतवाली परिसर में दिया जा रहा धरना इस बार काम नहीं आया है। जिसके चलते पुलिस ने भाकियू के दबाव में आए बगैर होटल पर हुए झगड़े के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए सभी 10 आरोपियों को मुकदमा दर्ज करने के बाद न्यायालय के सामने पेश किया। जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है। उधर आरोपियों को जेल भेज दिये जाने के बाद बैकफुट पर भाकियू प्रवक्ता ने एसपी सिटी और सीओ सिटी से हुई वार्ता के बाद धरने को समाप्त कर दिया है।

मंगलवार को शहर कोतवाली पुलिस एवं सिविल लाइन पुलिस द्वारा सोमवार की रात शहर के प्रकाश चौक स्थित होटल पर खाना खाने के दौरान हुए झगड़े के मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 10 आरोपियों को न्यायालय द्वारा जेल भेज दिया गया है। जबकि आरोपियों को जेल नहीं भेजे जाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत अपने साथियों के साथ कोतवाली में सवेरे से डेरा जमाकर पुलिस पर अपना दबाव बनाने के प्रयासो में लगे हुए थे। भारतीय किसान यूनियन द्वारा कोतवाली परिसर में डेरा डाल दिए जाने के बाद आम नागरिकों द्वारा उम्मीद लगाई जा रही थी कि पुलिस होटल पर हुए झगड़े के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को भाकियू के दबाव में आकर छोड़ देगी। परंतु पुलिस ने जिस तरह से धरने प्रदर्शन की परवाह किए बगैर सभी 10 आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजा है उससे एहसास हो रहा है कि आमतौर पर भारतीय किसान यूनियन के धरने प्रदर्शन के दबाव में आ जाने वाली पुलिस इस बार भाकियू के दबाव में नहीं आई है। जिसके चलते पुलिस द्वारा अमरजीत सिंह, रविंद्र, प्रदीप पाल, अन्नू उर्फ अनुज, गौरव उर्फ हनी तथा अन्य को जेल भेज दिया है।
उधर सांय के समय एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय एवं सीओ सिटी कुलदीप कुमार ने फोर्स के साथ कोतवाली पहुंचकर किसानों के साथ धरना दिए बैठे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के साथ वार्ता की। काफी देर तक चली बातचीत के बाद भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। जिस पर जिला प्रशासन और पुलिस ने अब राहत की सांस ली है।