दर्शन को अड़े सांसद ने मंदिर के पुजारी से की बदसलूकी

देहरादून। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले स्थित विश्व विख्यात भगवान शिव के पावन जागेश्वर धाम के पुजारी और मन्दिर प्रबन्धक से उत्तर प्रदेश की आंवला संसदीय सीट के सदस्य धर्मेंद्र कश्यप द्वारा अभद्रता करने की घटना का व्यापक विरोध शुरू हो गया है। रविवार को कांग्रेस विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने घटना के विरोध में उपवास के साथ धरना शुरू किया है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदर्शन किया।
घटना के विरोध में जागेश्वर के विधायक कुंजवाल समर्थकों सहित धाम परिसर में 24 घण्टे के उपवास पर बैठ गए। उन्होंने अमर्यादित भाषा शैली का प्रयोग करने और मन्दिर के प्रबंधक से हाथापाई एवं पुजारी से अभद्रता की निंदा की। साथ ही, सांसद के खिलाफ समुचित कार्रवाई की मांग की।
कुंजवाल के साथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष पीतांबर पांडे, ब्लॉक अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह भैसौड़ा, राजेन्द्र सिंह बिष्ट, कमल बिष्ट और अन्य कांग्रेसी नेता उपवास के साथ धरने पर बैठ गए है।
इसके अतिरिक्त, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जागेश्वर धाम पहुंचकर घटना के विरोध में विशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जोशी ने स्थानीय जनता को विश्वास दिलाया कि उनकी पार्टी पंडे-पुरोहितों के हितों के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगी और यह भी सुनिश्चित करेगी की भविष्य में इस तरीके की असामाजिक बर्ताव की पुनरावृत्ति हमारे पवित्र धामों के अंदर ना हो।
आप उपाध्यक्ष ने मांग की कि दुर्व्यहार के लिए सांसद और भाजपा की प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री लिखित में भोले के भक्तों से माफी मांगे और सांसद को जागेश्वर धाम में प्रवेश के लिए आजीवन प्रतिबंधित किया जाए अन्यथा आम आदमी पार्टी वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस मौके पर आप संगठन मंत्री प्रकाश भट्ट, तारा चंद्र पांडे, किरन बिनवाल, प्रदेश प्रवक्ता युवा मोर्चा रोहित सिंह, नीरज सिंह, दीपक राज, मिंटू बिनवाल, गोधन सिंह, हरीश भट्ट, दिनेश भट्ट, चेतन बिनवाल, खिमराज डालाकोटी, नवीन कुमार, कमल नाथ, मनोज सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि शनिवार संध्या आरती के बाद छह बजे कपाट बंद होते समय सांसद कश्यप जागेश्वर धाम पहुंचे थे। दर्शन कराने में पुजारी द्वारा असमर्थता व्यक्त करने पर सांसद ने अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। इस बीच वहां पहुँचे मन्दिर प्रबन्धक से हाथापाई की गई। इसका वीडियो वायरल होने के बाद आज इसका विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है।