मुकद्दर के सिकंदर को दगा दे गई किस्मत-नहीं बन पाए सरकार में मंत्री

मुकद्दर के सिकंदर को दगा दे गई किस्मत-नहीं बन पाए सरकार में मंत्री

मुजफ्फरनगर। मुकद्दर का सिकंदर माने जाने वाले खतौली विधानसभा सीट से भाजपा विधायक की किस्मत इस बार दगा दे गई है। लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए एमएलए के मंत्री नहीं बन पाने की वजह से उनके जरिए राजनीति और अन्य क्षेत्रों में अपने पैर जमाने एवं पहचान बनाने की फिराक में लगे समर्थकों के अरमानों के ऊपर पानी फिर गया है।

शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ सरकार की दूसरी पारी दो डिप्टी सीएम एवं 52 कैबिनेट तथा राज्यमंत्रियों की शपथ ग्रहण के साथ ही आरंभ हो गई है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में जनपद मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर काफी उतार-चढ़ाव के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेहरबानी से जीत हासिल करने वाले मुकद्दर के सिकंदर विधायक विक्रम सिंह सैनी के इस बार मंत्री बनने की आशा उनके समर्थक लगाए हुए बैठे थे। जिसके चलते अपने हित साधने में लगे समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी कैंपेन करते हुए विक्रम सैनी के मंत्री बनाने की मांग उठाई जा रही थी।

कई दिन से उनके मंत्री बनने की आशा से उत्साहित समर्थकों को नई सरकार के शपथ ग्रहण लेने से पहले तक एमएलए विक्रम सैनी के मंत्री बनने की उम्मीद थी। इसी आस को लेकर समर्थक राजधानी लखनऊ तक पहुंच गये थे। इतना ही शपथ ग्रहण के लिये विधायकों के जाने से पहले तक सीएम आवास से उन्हें मंत्री बनने का बुलावा आने की पोस्ट सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार चलाई गई। लेकिन जब अपराहन 4.00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह एवं अन्य अतिथियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दोबारा से सीएम पद की शपथ लेने के बाद मंत्रिमंडल के अन्य सहयोगियों की शपथ का सिलसिला शुरू हुआ तो एमएलए विक्रम सैनी का नाम नहीं पुकारे जाने पर समर्थकों के अरमानों पर पानी फिर गया। खतौली विधानसभा क्षेत्र के अनेक लोग एमएलए विक्रम सैनी के मंत्री बनने के बाद उन के माध्यम से राजनीति और अन्य क्षेत्रों में अपने पांव जमाने की आस बेसब्री से लगाए हुए बैठे थे। लेकिन मुकद्दर के सिकंदर माने जाने वाले एमएलए विक्रम सैनी की किस्मत मंत्री बनने के मामले में दगा दे गई है और उन्हीं की बिरादरी के जसवंत सैनी मंत्री बनने के मामले में बाजी मारकर ले गये। जिसके चलते समर्थक निराशा के भंवर तले पहुंच गए हैं।

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