भाजपा में रहते हआ था जातीय सर्वे का निर्णय, लालू श्रेय न लूटें- सुशील

पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को प्रदेश में जाति आधारित सर्वेक्षण का श्रेय न लूटने की नसीहत देते हुए आज कहा कि बिहार में जातीय सर्वे करने का निर्णय उस सरकार का था, जिसमें भाजपा शामिल थी।
PM मोदी ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि जातीय सर्वे की रिपोर्ट जारी होने पर श्री लालू प्रसाद श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं जबकि 15 साल राज करने के दौरान उन्होंने जातीय जनगणना नहीं करायी थी। उन्होंने कहा कि जातीय, आर्थिक, सामाजिक सहित कुल 27 बिंदुओं पर सर्वे कराया गया था। इन सभी बिंदुओं पर ग्राम स्तर के आंकड़ों के साथ सरकार को विस्तृत रिपोर्ट जारी करनी चाहिए।
भाजपा सांसद ने कहा कि नगर निकायों में आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार ने पिछले वर्ष अतिपिछड़ा वर्ग आयोग बनाया था। उसकी रिपोर्ट अब तक क्यों दबाए रखी गई है। उन्होंने कहा कि अभी जातीय सर्वे के केवल राज्यस्तरीय आंकड़े सामने आए हैं और ये अनुमान के अनुरूप हैं। हम सर्वे रिपोर्ट का गंभीरतापूर्वक अध्ययन कर अपनी नीतियां तय करेंगे।
गौरतलब है कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने जातीय सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी होने के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर इस सर्वे से संबंधित वर्ष 2015 में दिये अपने बयानों को दुहराते हुए कहा, “जातीय जनगणना के आंकड़े आने पर ही जेपी की संपूर्ण क्रांति का सपना पूरा होगा। जबतक वंचित वर्गों के लोग मुख्यधारा में नहीं आयेंगे तो किसका विकास। उन्होंने कहा, “विचार पर अड़िग थे, है और रहेंगे। वंचितों को अपने हक-अधिकार के लिए दशकों और युगों तक बहुत संघर्ष और त्याग करना पड़ता है तब जाकर कुछ अधिकार प्राप्त होता है।”
यादव ने अगले पोस्ट में कहा कि धार्मिक आंकड़ों से करोड़ों गुना ज्यादा फायदा जातीय जनगणना के आंकड़े जारी करने से होगा। समावेशी विकास के लिए उन्हें जारी करना होगा। सांप्रदायिकता के खिलाफ अंतिम दम तक लड़ूंगा। देश में जातीय जनगणना होकर रहेगी।
राजद अध्यक्ष ने वर्ष 2015 बिहार विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए कहा था, “मोदी यूएन (संयुक्त राष्ट्र) जाकर मेरे खिलाफ याचिका दे लेकिन मैं गरीबों की लड़ाई लड़ते-लड़ते, आरक्षण बढ़वा कर, जातीय जनगणना के आंकड़े प्रकाशित करवाकर ही दम लूंगा।” उन्होंने कहा, “बिहार में तो हो गया, अब देश में होगा।”