साधु संतों को भी कोरोना का टीका लगे: प्रियंका चतुर्वेदी

नई दिल्ली। शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को राज्यसभा में देश के अलग-अलग स्थानों में रह रहे साधु संतों को भी कोविड का टीकाकरण किये जाने की मांग की।
प्रियंका चतुर्वेदी ने शून्यकाल के दौरान कहा कि साधु संत देश के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं और कई के पास आधार कार्ड भी नहीं होता है। ये लोग एक स्थान पर अधिक दिनों तक रहते भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण में साधु संतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि पहले चरण में साठ साल से अधिक लोगों को तथा दूसरे चरण में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोविड का टीका लगाया गया। उन्होंने कहा कि दमा मरीजों को भी टीकाकरण में शामिल किया जाना चाहिये। कोराना दिशा निर्देशों में दमा के मरीजों को शामिल नहीं किया गया है। भारतीय जनता पार्टी के हरिद्वार दूबे ने शून्यकाल के दौरान ही उत्तर प्रदेश के आगरा के आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने की मांग की। आगरा में ताजमहल है और इसके आसपास के क्षेत्रों में अनेक मुगलकालीन धरोहर हैं जिसे देखने के लिए प्रतिदिन लाखों पर्यटक आते हैं। इसके अलावा मथुरा में धार्मिक पर्यटक और भरतपुर में घाना पक्षी विहार में प्रकृति प्रेमी आते हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान पिछले एक साल में पर्यटन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। टैक्सी और होटल इससे बुरी तरह प्रभावित हुये है और उनके कर्मचारी भूखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं।

