यूं ही नहीं बदली राहुल गांधी की छवि, जमीनी स्तर पर किये हैं ऐसे-ऐसे काम

नई दिल्ली। अभिनेता अनिल कपूर की नायक मूवी सभी ने देखी होगी, नायक मूवी में मुख्यमंत्री के रूप में अनिल कपूर द्वारा की गई राजनीति पब्लिक को पंसद आई थी। ऐसे ही राजनीति राहुल गांधी ने की। राहुल गांधी ने भी अनिल कपूर की तरह जमीनी स्तर पर उतरे। बस फर्क इतना है कि अनिल कपूर ने मूवी में मुख्यमंत्री के रूप में और राहुल गांधी ने असल में विपक्ष नेता के रूप में ऐसे राजनीति की, कि जनता उन्हें मुरीद होने लगी। राहुल गांधी को सभी जानते हैं लेकिन राहुल गांधी ने कैसे अपनी छवि को बदला, इससे भी कोई अज्ञात नहीं है। कुछ वर्षों पहले राहुल गांधी की विरोधियों ने जिस तरह की छवि स्थापित की थी, उस छवि को राहुल गांधी ने बदलकर जनता में अमिट छाप छोड़ते हुए जननायक के रूप में बड़ी पहचान बनाई। उनके विरोधी कभी राहुल गांधी को अलग-अलग नाम से पुकारते तो कभी किसी बात पर उनकी मजाक उड़ाते थे लेकिन अब पब्लिक यूं कहती है कि अगर नेता हो तो ऐसा, जो जमीनी मुद्दों को बारिकी से समझे।

भारत जोड़ों यात्रा में दो वर्षों के दौरान दो फैजों में बड़ा लंबा सफर तय किया और इस सफर में लगातार भीड़ भड़ती चली गई और जनता में भी भारत जोड़ों यात्रा से उनकी छवि बदलती चली गई लेकिन यात्रा भले ही समाप्त हुई लेकिन राहुल गांधी का मुद्दों को बारिकी से समझने का सफर जारी रहा। राहुल गांधी कभी कूली, कारपेंटर, मोची, किसान, बाईक मैकेनिक, डेंटर-पेंटर, कुम्हार, मजदूर-मिस्त्री के किरदार में नजर आये तो कभी दलित रसोई में खाना बनाते तो कभी दुकान पर पोहा बनाकर उनके साथ खाते दिखाई दिये। इन किरदारों में राहुल गांधी की सोशल मीडिया पर खूब वीडियो वायरल हुई, जिन्हें देखकर लोगों ने उन्हें पसंद किया और उनकी प्रशंसा भी की। कूली सहित अन्य किरदारों में राहुल गांधी कब और कहां नजर आये, जानने के लिये पढ़िये खोजी न्यूज की खास रिपोर्ट...

गौरतलब है कि 27 जून की शाम दिल्ली के करोगबाग की साईकिल मार्किट के बाईक मैकेनिक के लिये बड़ी ही शान साबित हुई क्योंकि उनके बीच राहुल गांधी पहुंचने से वह बहुत प्रसन्न हुए और फिर राहुल गांधी ने उनसे हालचाल जानते हुए खुद भी मैकेनिक अंदाज में बाईक को संवारने लगे। इसी बीच वहां पर काफी भीड़ जमा हुई लेकिन राहुल ने उन्हें निराश नहीं किया और उनसे हाथ मिलाकर वापस लौट गये। सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने ये तस्वीरे पोस्ट करते हुए लिखा था कि यही हाथ हिंदुस्तान बनाते हैं। इन कपड़ों की कालिख, हमारी खुद्दारी और शान है। ऐसे हाथों को हौंसला देने का काम, एक जननायक ही कर सकता है।

हरियाणा के सोनीपत के खेत में राहुल गांधी की एंट्री से किसान पुरूष और महिलाओं के लिये 23 जुलाई 2023 दिन बड़ा ही अच्छा रहा। उनके खेत में देश के बड़े नेता का आना, बड़ा ही उन्हें खुश करने वाला दिन रहा। दो जिगरी दोस्त संजय मलिक और तसबीर कुमार खेती कर रहे थे। राहुल गांधी आये तो और भी मौजूद महिलाएं और पुरूष उनके पास आ गये। इस बीच राहुल गांधी ने जूते निकालकर पेंट घुटनों तक ऊपर चढ़ाई और किसानी करने में जुट गये। खुद ट्रैक्टर चलाकर खेत की बुलाई की, वहीं खेत में मुंजी लगाई और घर से खाने के लिये अपने हाथों से रोटियां बनाकर लाई महिलाओं के साथ खाना भी खाया। उनके पास चरपाई पर राहुल गांधी ऐसे बैठे रहे जैसे वहीं का ही कोई आम आदमी।

अमिताभ बच्चन की मूवी कूली का एक गाना है, दुनिया का बोझ हम उठाते हैं, जिसमें अमिताभ कूली के किरदार में नजर आये थे। ऐसे ही 21 सितम्बर 2023 का दिन दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन के कुलियों के विशेष बनकर उभरा क्योंकि उस दिन राहुल गांधी अचानक उनके बीच पहुंचे और उनका हालचाल जाना। इसी बीच राहुल गांधी ने अपने बदन पर कुलियों वाली ड्रेस भी पहनी और कूली नंबर 756 बने और यात्रियों का बोझ यानी सामान अपने सिर पर उठाकर चलते दिखाई दिये थे। जब यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो अपने इस काम से सुर्खियों बटोरते हुए नजर आये।

दिल्ली के कीर्तिनगर में स्थित एशिया की सबसे बड़ी फर्नीचर मार्किट के कारपेंटरों को नहीं पता होगा कि उनके लिये 28 सितम्बर 2023 का दिन कितना खास होने वाला है। जब मार्किट में राहुल गांधी अचानक से कारपेंटरों के बीच पहुंचे तो वह हैरान रह गये। राहुल गांधी ने उनका हालचाल जानते हुए फर्नीचर के कारीगरों की मदद से उन्होंने आरी, हथौड़ी सहित अन्य औजारों का इस्तेमाल कर एक टेबल और चेयर बनाई। इसी बीच राहुल गांधी ने कारपेंटरों के साथ कागज के कप में चाय पी और मठड़ी खाई। वहीं कारपेंटरों के साथ उन्होंने उनके द्वारा अखबार में लाई गई रोटियों के साथ सब्जी खाई।

राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 के दिन को अचानक सुल्तानपुर में कुरेभार के विधायक नगर चौराहे पर गुमटी में जूते-चप्पल बनाने वाले रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचकर उन्होंने उस दिन को यादगार बनाया। यह बात उस दिन की है, जब राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट से पेशी से वापस लौट रहे थे। इसी बीच राहुल मोची की दुकान पर पहुंचे। राहुल को अपनी दुकान पर देखकर मोची भाव-विभोर हो गये और मोची ने उन्हें कोल्डड्रिंक पिलाई। मोची से गहरी बातचीत के बीच राहुल गांधी ने अपने हाथों से एक जूतों को चिपकाया तो वहीं एक चप्पल पर सिलाई की। रामचेत मोची ने अपने हाथों से विशेष तौर पर दो जोड़ी जूते बनाकर भेजे थे, जिसके बाद राहुल गांधी ने उनके लिये भी गिफ्ट भेजते हुए उन्हें सिलाई मशीन मिली और जूते की कीमत 3 हजार रूपये भी भेजे। 2 सितम्बर 2024 को राहुल गांधी ने मोची के लिये दूसरा गिफ्ट भेजा, जिसमें उन्होंने पफ चमड़ा, रिपिट, सिलाई का सामान, सोल, पैताब शामिल हैं।

वर्ष 2024 में दिवाली से पहले राहुल गांधी एक घर में पहुंचे, जहां पर कुछ पेंटर उसकी डेंटिंग-पेंटिंग कर रहे थे। राहुल गांधी ने उनसे बातचीत करते हुए हाथ में पतरे लेकर पेंट को खुरचा, उसके बाद पतरों से पुट्टी लगाई और उसके बाद रोलर से पेंट किया। इसके बाद वह दिल्ली की उत्तमनगर में एक कुम्हारी के घर पहुंचे, जो महिला अपने चार बेटियों के साथ दीये बनाकर अपना जीवन यापन करती है। राहुल गांधी ने उनके साथ मिट्टी को कूटा, झरने में छाना, दीये बनाने के लिये मिट्टी तैयार की और फिर दीये बनाये। इसी बीच महिला और लड़कियों ने राहुल गांधी को अपनी तरफ से दीये और मिट्टी के कुछ बर्तन दिवाली तोहफा के तौर पर दिये।

4 जुलाई 2024 को राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो मजूदरों के साथ शेयर की गई। राहुल गांधी दिल्ली के जीटीबी नगर में लैबर चोक और एक कंन्स्ट्रक्शन साइट पर पहुंचकर मजदूरों से मुलाकात की और उनके काम और उनकी परेशानियों को समझा। इसी दौरान राहुल गांधी ने मजदूर और मिस्त्रियों के साथ पहले सीढ़ियों पर पत्थर लगाने के लिये फावड़े से चिनाई के लिये मसाला तैयार किया और उसके बाद वह हाथ करनी लेकर सीढ़ी पर मसाला बिछाया और पत्थर रखकर बिसौली (हथौडा) से पत्थर को सेट करने के बाद पतरे से फालतू का मसाला साइड कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस वीडियो ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थी।

दोपहर का समय था और राहुल गांधी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद उंचगांव में बिना किसी सूचना के अजय कुमार तुकामराम सनदे के घर पहुचे, जो राहुल गांधी को देखकर हैरान रह गये। इसके बाद राहुल गांधी ने वहां पर चाय पी। इसी बीच राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें भूख लग रही है और वे कुछ खाना चाहते हैं। सनदे परिवार ने उनसे पूछा क्या खाना पसंद करेंगे। राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा कि आप चिंता मत करो, मैं खुद हम सबके लिये कुछ बना दूंगा। इसके बाद राहुल गांधी ने दलित किचन में उनके साथ जाकर उनकी मदद से चने का साग, बैंगन और तुवर की दाल। इसके राहुल गांधी ने सभी के साथ बैठकर खाना खाया।

ऐसे ही महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार अभियान के बीच नागपुर में राहुल गांधी चुपके से पोहा की दुकान पर पहुंचे, जहां पर उन्हें देखकर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। राहुल गांधी ने दुकान पर खुद पोहा बनाया और उसमे तड़का लगाया। तैयार होने के बाद राहुल गांधी ने आराम से लोगों के बीच बैठकर खाया और कई मुद्दों पर चर्चा भी की थी। इस दौरान राहुल गांधी ने उनके साथ राजनीतिक मुद्दो से हटकर भी गपशप लगाये थे। सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई वीडियो सुर्खियां बनी रही और पब्लिक राहुल गांधी का जननायक के तौर पर देखती रही।