आजाद होते ही गुलाम नबी ने सुनाई खरी खरी- खोला राहुल का चिट्ठा

नई दिल्ली। कांग्रेस के सभी पदों के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र देते हुए पूरी तरह से आजाद हुए गुलाम नबी ने कांग्रेस की पॉलिसियों एवं नेताओं की नाकामियों और कांग्रेस के भीतर चल रही गणेश परिक्रमा की संस्कृति का कच्चा चिटठा आज खोलकर देशवासियों के सामने रख दिया है। आजाद होते ही गुलाम नबी ने कहा है कि कांग्रेस के युवराज कहे जाने वाले राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी को अभी तक दो लोकसभा चुनाव के साथ-साथ 39 विधानसभा चुनाव में भी हार झेलने को मजबूर होना पड़ा है। कांग्रेस की ऐसी हालत तो इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव में भी नहीं हुई थी।
शुक्रवार को कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा देने के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देते हुए आजाद हुए गुलाम नबी ने कांग्रेस और उसके नेताओं को बाहर आते ही खूब खरी-खरी सुनाई है। तकरीबन आधी सदी तक कांग्रेस के साथ जुडे रहे वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने 5 पन्नों की सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी में स्वर्गीय इंदिरा गांधी से लेकर मौजूदा समय की याद दिलाते हुए कहा है कि आपकी अध्यक्षता में पार्टी अच्छी तरह से काम कर रही थी और सभी नेताओं से सलाह मशवरा करने के साथ पार्टी को आगे बढ़ाने की कोशिश की जाती थी। लेकिन कांग्रेस की यह व्यवस्था वर्ष 2013 में राहुल गांधी की एंट्री के बाद खत्म होती चली गई।
पार्टी के ऊपर कुछ ऐसे सनकी लोगों का कब्जा हो गया जिन्हें दल की नीतियों एवं कार्यक्रमों से कोई लेना-देना नहीं था। वर्ष 2013 में कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी द्वारा सलाह मशवरे के साथ चलने की परंपरा वर्ष कर दी गई। गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि राहुल गांधी के आने के बाद पार्टी के सभी वरिष्ठ एवं अनुभवी नेताओं को एक-एक करके ठिकाने लगा दिया गया। उनकी जगह गैर अनुभवी एवं चापलूस दरबारियों ने ले ली।
इतना ही नहीं इन लोगों के हाथों में पार्टी के गंभीर मामलों की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। राहुल गांधी राजनीति में कितने परिपक्व हैं, इसका नजारा उस समय देखने को मिला है जब उन्होंने मीडिया की मौजूदगी में सरकार के अध्यादेश को फाड़कर फेंक दिया था। जबकि उस अध्यादेश को लेकर कांग्रेस के कोर ग्रुप के भीतर चर्चा भी हुई थी और कैबिनेट से मंजूरी दी गई थी।
राहुल गांधी के ऐसे बचकाना व्यवहार ने प्रधानमंत्री और भारत सरकार की गरिमा को ही कमजोर कर दिया था।