चुनावजीवियों से लड़कर जीते आंदोलनजीवी: आप

लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि किसानो काे आंदोलनजीवी कह कर उनका अपमान करने वाली केन्द्र सरकार ने चुनाव में हार के डर से मजबूर होकर कृषि कानून वापस लेने पड़े। इसलिये उन्हे चुनावजीवी कहना उचित होगा।
संजय सिंह ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहा कि तीनों काले कानून वापस होने के साथ यह साबित हो गया कि नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार सिर्फ और सिर्फ चुनावजीवी है। आंदोलनजीवी महात्मा गांधी, शहीदे आजम भगत सिंह और बाबा साहब भीम राव आंबेडकर के देश में आंदोलनजीवी करोड़ों अन्नदाताओं ने अपना हक तो ले लिया, लेकिन इसी के साथ यह साबित हो गया कि नरेन्द्र मोदी सिर्फ चुनावजीवी हैं और चुनाव में हार के डर से उन्होने ये तीनों काले कानून वापस लिये।
उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार को बताना होगा कि आखिर पूरे देश को एक साल तक आंदोलन में क्यों झोंके रखा गया। आंदोलन में शहीद हुए सैकड़ों किसानों की मौत पर जवाब देना होगा। प्रधानमंत्री को बताना होगा कि सरकार और भाजपा के नेता किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी और नक्सली बताने में लगे थे,तब वह कहां थे।
संजय सिंह ने किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा देने के साथ उनके परिवार को एक करोड़ का मुआवजा, सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई और कहा कि इन शहीद किसानों को देश याद रखे, इसके लिए किसान शहीद स्मृति स्थल बनाया जाना चाहिये।

वार्ता