अनिल ने तोड़ा मिथक- जनपद में पहली बार दलित ने विधानसभा में लगाई हैट्रिक

अनिल ने तोड़ा मिथक- जनपद में पहली बार दलित ने विधानसभा में लगाई हैट्रिक

मुजफ्फरनगर । 2022 का विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुका है। इस बार मुजफ्फरनगर जनपद की सुरक्षित विधानसभा सीट पुरकाजी पर सपा रालोद गठबंधन के अनिल कुमार ने दर्ज कर इतिहास रच दिया है। जनपद में विधायक अनिल कुमार ने तीसरी बार विधायक बनकर उस मिथक को तोड़ दिया है कि आजादी के बाद से कोई भी दलित व्यक्ति तीन बार विधायक चुनकर विधानसभा में नहीं पहुंचा है।


गौरतलब है कि इससे पहले कोई भी दलित नेता 3 बार विधायक चुनकर नही पहुंचा है। इससे पहले कांग्रेस के टिकट पर जानसठ सुरक्षित विधानसभा सीट से दो बार दीपक कुमार जीत चुके है। उसके बाद दीपक कुमार कई चुनाव लड़े मगर जीत उनकी दहलीज से दूर ही रही।

जानसठ सीट से ही डॉ यशवंत सिंह पहले रालोद के सिंबल पर तो दूसरी बार बसपा के टिकट पर चुनाव जीते और मायावती सरकार में मंत्री भी रहे। उसके बाद यशवंत सिंह ने मुज़फ्फरनगर से चुनाव नही लड़ा। इस बार वो बिजनोर की सुरक्षित नगीना सीट से चुनाव लड़े मगर सपा के मनोज पारस से चुनाव हार गए।


भाजपा के सिंबल पर तब की चरथावल सुरक्षित सीट पर रणधीर सिंह भी दो बार विधायक रहे , मगर तीसरी बार उनका नम्बर विधानसभा में नही आया । इसके साथ ही चरथावल सीट पर दलित वर्ग से उमा किरण भी बसपा के टिकट पर चुनाव जीती और मुलायम सरकार में मंत्री भी रही मगर इसके बाद वो चुनाव तो सब लड़ी मगर उनका नम्बर फिर नही लगा।

चरथावल सीट से अनिल कुमार पहली बार बसपा के टिकट पर चुनाव विधायक बने थे। चरथावल के बाद पुरकाजी सीट सुरक्षित बनी तो 2012 में अनिल ने दूसरी बार बसपा के टिकट पर फिर जीत हासिल की। 2017 के चुनाव में अनिल कुमार हारे तो 2022 के इलेक्शन में इस बार उन्होंने सपा रालोद गठबंधन के टिकट पर जीतकर जिले के उस मिथक को तोड़ दिया है कि कोई भी दलित नेता आज़ादी के बाद से जनपद मुज़फ्फरनगर में विधानसभा में हैट्रिक नही लगा पाया है। अनिल कुमार ने भाजपा के विधायक प्रमोद ऊंटवाल को हराया है।



Next Story
epmty
epmty
Top