जन्मदिन विशेष- आईएएस अक्षत वर्मा को मिला आईएसओ सर्टिफिकेट

जन्मदिन विशेष- आईएएस अक्षत वर्मा को मिला आईएसओ सर्टिफिकेट

उन्नाव। वैसे तो सिविल सर्विस में हर साल बहुत से युवाओं को नौकरी में आकर काम करने का मौका मिलता है। मगर कुछ सिविल सर्विस पास नौजवान तो सिस्टम से काम करते है और इजी गोइंग से नौकरी करके समय बिताकर रिटायर हो जाते है। कुछ ऐसे होते है जो देश की टाॅप सर्विस में आकर नौकरी की शुरूआत से बेहतर कार्य करने लगते है जिनका पब्लिक सेक्टर को लाभ मिलता है और ऐसे अफसरों की सराहना होती हैं ऐसे ही अफसर है आईएएस अक्षत वर्मा। 2017 बैच के आईएएस अफसर अक्षत वर्मा के जन्मदिन पर विशेष....

बता दें कि अक्षत वर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के जनपद अयोध्या में 6 सितम्बर 1990 को जन्म लिया था। उनके पिता अयोध्या जिला चिकित्सालय में डॉक्टर है। अक्षत वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा अयोध्या जनपद के ही आर्मी स्कूल से पूरी हुई। उसके बाद अक्षत वर्मा ने आईआईटी रूडकी से 2012 में बीटेक करने के बाद आईएएस की तैयारी शुरू कर दी थी। रूड़की से बी.टेक की पढ़ाई के दौरान उन्होंने बीजिंग जियाओतोंग विश्वविद्यालय, चीन में इंटर्नशिप भी किया है। अक्षत वर्मा इंजीनियरिंग करने के पश्चात मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट में असिस्टेंट इंजीनियर बन गये। इसके साथ-साथ ही अक्षत वर्मा सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गये। अक्षत वर्मा 2015 में 667 रैंक लाकर आईआरएस के रूप में चयनित हो गये थे। वह आयकर विभाग में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत रहे। आईआरएस में चयनित होने के बाद अक्षत वर्मा रूके नही। उसके बाद अक्षत वर्मा ने सिविल परीक्षा पास कर 2017 बैच के आईएएस अफसर बन गये। आईएएस अक्षत वर्मा ने जनपद शाहजहांपुर में 27 अप्रैल 2018 को सहायक मजिस्टेªट के रूप में पदभार संभाला। आईएएस अक्षत वर्मा शाहजहांपुर के सहायक मजिस्ट्रेट के पद पर 24 सितम्बर 2019 तक तैनात रहे।

उसके बाद शासन ने आईएएस अक्षत वर्मा का शाहजहांपुर से तबादला कर जनपद उन्नाव में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात किया। जनपद उन्नाव के बांगरमऊ एसडीएम के पद पर रहते हुए सेवाओं की जवाबदेही तय करके आम जनता को सहूलियतें देने में आईएएस एसडीएम अक्षत वर्मा के प्रयासों को अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन ने सराहा। संगठन के पदाधिकारियों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम अक्षत वर्मा को आईएसओ सर्टिफिकेट सौंपा।

एसडीएम अक्षत वर्मा ने अपने कार्यकाल में तहसील का कायाकल्प कर दिया। एसडीएम अक्षत वर्मा ने बताया, ''अभी तक आईएसओ संस्था निजी प्रोडक्ट की ही गुणवत्ता व सर्विस की जांच के बाद प्रमाणपत्र देती थी। अब सरकारी सेवाओं की भी गुणवत्ता की जांच शुरू की है। संगठन के पदाधिकारी 3-4 माह से तहसील सेवाओं का रिव्यू कर रहे थे। इस दौरान सर्विस डिलीवरी की गुणवत्ता, आधारभूत संरचनाओं की सुदृढ़ता आदि की जांच के बाद सर्टिफिकेट जारी किया था। जनपद में मात्र बांगरमऊ तहसील को ही यह प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ था।

आईएएस अक्षत वर्मा ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों तक जनता की आसानी से पहुंच सुनिश्चित कराने हेतु तहसील परिसर में घुसते ही एक बड़ा सा बोर्ड लगवाया हुआ है। इसमें अधिकारियों, लेखपालों व कर्मचारियों के मोबाइल और उनके कक्ष का नंबर लिखे हुए है। लोग संबंधित कर्मचारी के कक्ष में जा सकते हैं या फोन पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा तहसील आने वाले लोगों को वरासत, दाखिल-खारिज के लिए भटकना न पड़े इसके लिए आवेदन से लेकर प्राप्ति तक की पूरी प्रक्रिया को लिखवाया जाता है।

एसडीएम अक्षत वर्मा ने तहसील में वाटरकूलर की व्यवस्था भी की है। किसी भी प्रकार की फाइलों को खोजने हेतु कर्मचारियों की माथापच्ची समाप्त कराने के लिए रैक की व्यवस्था कराई गई। समस्त रैक में संबंधित फाइलों के नाम लिखे गए हैं। जिससे फाइलों की खोजबीन आसानी से हो जाती है। एसडीएम अक्षत वर्मा ने बताया कि फरियादियों से कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी कार्य करने में आनाकानी करे या पैसे की मांगे करे तो सीधे उनसे आकर शिकायत करें। इसके अलावा बांगरमऊ तहसील परिसर में साफ-सफाई ऐसी कि इसे देख सरकारी कार्यालय होने का आभास नहीं होता।

Next Story
epmty
epmty
Top