खेल रहे थे पबजी-बताया चीटर-उठाया पत्थर-कर दी हत्या

बंगलुरु। पबजी खेलने के दौरान हुए विवाद के बाद 18 वर्षीय किशोर ने 12 साल के किशोर का अपहरण कर लिया। इसके बाद 18 वर्षीय किशोर ने पत्थर उठाया और अपने साथी के सिर में मारकर उसे मौत की नींद सुला दिया। हत्या से पहले 12 वर्षीय किशोर का अपहरण किया गया था।
रविवार को पुलिस अधिकारी शशि कुमार ने बताया कि शनिवार की रात लगभग 9.00 बजे दीपक और अफीक की एक दूसरे के बुलावे पर आपस में मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों ने साथ बैठकर पबजी खेलने का फैसला किया। दरअसल पबजी खेलने से पहले दीपक को इस बात का अंदेशा था कि अफीक के नाम पर कोई अन्य व्यक्ति उसके साथ बेहतर खेल खेलता है। जिससे वह अफीक के साथ मुकाबले में हार जाता है। आमने-सामने के इस मुकाबले में अफीक बाजी हार गया।

जीत के बाद दीपक उसे चीटर कहकर चिढ़ाने लगा। चीटर कहे जाने से गुस्साये अफीक ने पत्थर उठाकर दीपक फेंककर मार दिया। दीपक ने भी गुस्से में पलटवार किया तो मारे गए पत्थर से अफीक के सिर से खून बहने लगा। इस दौरान सिर से अधिक खून बह जाने की वजह से अफीक की मौत हो गई। पुलिस अधिकारी शशि कुमार ने बताया कि किशोर की हत्या के इस पूरे मामले की जानकारी उस समय लगी जब अफीक कल शाम से अचानक लापता हो गया। अफीक को ढूंढने में विफल रहे परिजनों ने बच्चे की गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई। बच्चे का शव उसके घर से 3 किलोमीटर की दूरी पर बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि बच्चा पबजी खेलने का आदी था। गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2020 में 117 चीनी मोबाइल ऐप के साथ पबजी पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन कुछ लोग अभी भी ऑनलाइन पबजी खेल रहे हैं।