पहली ही वारदात में चोरों ने मारा बड़ा हाथ-36 किलो सोना और 6 करोड़ चुराए

नोएडा। 10 आरोपियों ने मिलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चोरी की सबसे बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से नया गिरोह बनाया और पहली ही बार में 36 किलो सोना और 6 करोड रूपये चुराकर अगला पिछला हिसाब चुकता कर दिया। पुलिस ने 10 बदमाशों में से 6 को गिरफ्तार करते हुए इस बड़े मामले पर बड़े पर्दे को उठा दिया है। पकडे गये चोरों का पुलिस को अभी तक कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। पिछले 3 दिनों से की जा रही जांच पड़ताल में किसी भी आरोपी के खिलाफ किसी भी थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं मिली है।
सोमवार को अपर आयुक्त कानून और व्यवस्था लव कुमार ने बताया है कि पुलिस ने 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिनसे की गई पूछताछ में सभी बदमाश पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी चोरी को वारदात देने वाले पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी डिलिंग का छोटा-मोटा काम करता है। तो कोई किसी फैक्ट्री का कर्मचारी है, कोई बदमाश खेती में ही परिवार वालों का हाथ बताता है।
वारदात के मास्टरमाइंड बताये जा रहे गोपाल ने इन सभी लोगों को एक साथ जोड़कर चोरों का ऐसा गिरोह बनाया जिसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद के कोतवालपुर का रहने वाला गोपाल पूरी घटना का मास्टरमाइंड है। उन्होंने बताया कि अगस्त माह में चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद सभी चोर आपस में माल का बंटवारा करते हुए अलग अलग हो गए थे। उसके बाद किसी भी बदमाश ने कहीं भी अन्य घटना को अंजाम नहीं दिया। पुलिस की मानें तो गोपाल एक शातिर खिलाड़ी है। उसने एक सोची समझी साजिश के तहत इतनी बड़ी चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए नए लोगों को चुना था।
पुलिस का मानना है कि यदि वह पेशेवर अपराधियों को इस सबसे बड़ी चोरी में शामिल करता था तो यह उसके लिए खतरनाक हो सकता था। पेशेवर अपराधी इतने बड़े पैमाने पर नकदी और सोना मिलने के बाद गोपाल को भी नुकसान पहुंचा सकते थे। इसलिए उसने नए लोगों को साथ लेकर चोरी की इस वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद जब सभी लोगों में माल का बंटवारा हुआ था तो एक-एक के हिस्से में सोने की 4-4 ईंट और 65-65 लाख रुपए की नगदी बंटवारे में आई थी। इन लोगों ने कभी एक साथ पहले इतना पैसा और सोना नहीं देखा था। उन्होंने बताया कि अभी इस मामले में राजन, अरुण उर्फ छतरी, जयसिंह, नीरज और अनिल निवासी सलारपुर नोएडा और बिंटू शर्मा निवासी सलारपुर नोएडा गिरफ्तार किए गए हैं। अभी चार आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनसे अधिकांश सोना बरामद होने की उम्मीद है। इस मामले में यह बात अभी तक रहस्य बनी हुई कि इतनी बडी धनराशि और सोना किसका है।