सुकीर्ति ऐसे पुलिस कप्तान जो स्वयं करते हैं विवेचनाओं का परीक्षण

शामली। अगर आप शामली जनपद के निवासी हैं और किसी ने आपकी झूठी नामजदगी थाने में दर्ज एफआईआर में करा दी है, या आपके मुकदमे में की विवेचना में किसी कोई राजनैतिक हस्तक्षेप या किसी का दखल है। आपको लग रहा है कि आपको इंसाफ मिलने में अड़ंगा लग सकता है तो आप निश्चित हो जाइये। शामली जनपद में वर्तमान में पुलिस कप्तान ने व्यवस्था बना रखी है कि वह एक एक विवेचना का परीक्षण स्वयं करते हैं। इससे शामली में विवेचक सतर्क होकर विवेचना कर रहे हैं कि कहीं कप्तान की नजर में उनकी विवेचना में कोई कमी नजर आई तो उनको सजा मिल सकती है। क्या है, पुलिस कप्तान सुकीर्ति माधव की यह व्यवस्था। आइए जानते हैं।
दिनांक 1 दिसंबर 2020 को शामली जनपद के कप्तान की कमान संभालने के बाद सुकीर्ति माधव ने जनपद में अलग-अलग तरह की व्यवस्थाएं बनानी शुरू की हुई है। इसी कड़ी में उन्होंने थाने में दर्ज मुकदमों की विवेचना में गुणवत्ता बनी रहे, इसी को लेकर उन्होंने शामली जनपद में एक व्यवस्था बनाई है। प्रत्येक दिन एक थाने के 4 से 5 विवेचक अपनी केस डायरी लेकर कप्तान के बंगले पर आएंगे और कप्तान एक एक विवेचना का बारीकी से परीक्षण कर विवेचकों को दिशा निर्देश भी देते रहते हैं।
विवेचना का परीक्षण करने के सवाल पर एसपी शामली सुकीर्ति माधव कहते हैं कि प्रत्येक दिन शाम को चार से पांच विवेचक बुलाए जाते हैं। उनकी विवेचना का परीक्षण कर उनको गुण- दोष के आधार पर निष्पक्ष विवेचना करने के आदेश दिए जाते हैं। वह कहते हैं कि व्यवस्था प्रत्येक दिन बनी रहती है अगर कोई मीटिंग या कानून व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा है तो उस दिन विवेचक के साथ मीटिंग नहीं होती है।
दरअसल एसपी सुकीर्ति माधव के इस प्रयास से जनपद में विवेचनाओं की गुणवत्ता सुधरने के साथ साथ कहीं ना कहीं पीड़ित पक्ष को भी निष्पक्ष कार्यवाही की उम्मीद बनी रहती है।