सेना पर टिप्पणी करने वाली कश्मीरी छात्राओं को पुलिस ने किया माफ

बरेली। सेना के जवानों पर विवादित टिप्पणी करने वाली आईवीआरआई में पढ़ने वाली कश्मीर की तीन छात्राओं को उत्तर प्रदेश की बरेली की पुलिस ने माफ़ कर दिया। इसके विरोध में विश्व हिन्दू परिषद का डेलिगेशन सोमवार को बरेली के एडीजी पुलिस और एसएसपी से मिलेगा।
विहिप के चार जिलों के प्रभारी, विभाग अध्यक्ष पवन अरोरा ने पत्रकारों को बताया कि कि देश के जवानों के खिलाफ टिप्पणी करने वालों को क्लीन चिट देना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस किसी ने सेना के खिलाफ टिप्पणी की उसे सजा मिलनी चाहिए थी। इस तरह की कार्रवाई को विश्व हिन्दू परिषद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में विश्व हिन्दू परिषद का डेलिगेशन सोमबार को बरेली के एडीजी पुलिस और एसएसपी से मिलेगा।
आईवीआरआई में पढ़ने वाली कश्मीर की तीन छात्राओं ने पुलवामा कांड के बाद सेना के जवानों पर विवादित टिप्पणी की थी। इन टिप्पणियों के सामने आने के बाद पूरे देश के लोगों में इन छात्राओं के खिलाफ गुस्सा था, लेकिन पुलिस को ना तो सैनिकों के सम्मान याद रहा और ना ही देश के लोगों का गुस्सा। याद रहा तो कश्मीरी छात्राओं का कैरियर। इसी कारण सारे आरोपों को दरकिनार कर एफआईआर में अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामले को खत्म कर दिया।

मामला जनवरी 2019 का है भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान आईवीआरआई में पढ़ने वाली कश्मीर की तीन छात्राएं डॉक्टर उफ़क, डा शामिया इरशाद और डॉक्टर होमेरा फयाज ने पुलवामा हमले के बाद सोशल मीडिया पर सेना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पता लगने पर लोगों में आक्रोश फैल गया था. तत्कालीन भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर ,विधायक राजेश मिश्रा और पप्पू भरतौल, विहिप के विभाग अध्यक्ष पवन अरोरा आदि के साथ आईवीआरआई पहुंचे और निदेशक डॉ आर के सिंह से विरोध जताते हुए कार्रवाई करने को कहा था।