चोरी, लूटपाट करने वाले गिरोह के नौ सदस्य अरेस्ट- घातक हथियार बरामद

जालंधर। पंजाब के जालंधर में ग्रामीण पुलिस ने चोरी और लूटपाट की घटनाओं में शामिल एक कुख्यात गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनसे 11 चोरी की मोटरसाइकिलें और नौ घातक हथियार बरामद किये हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरकमल प्रीत सिंह खख ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार किये गये लोगों में लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा, सुरिंदर सिंह उर्फ सोनू, महेंद्र कुमार उर्फ मोनू, रवि कुमार उर्फ रवि, जसप्रीत उर्फ जस्सा, नीरज कुमार उर्फ साबी, मैथ्यू मसीह उर्फ गोना, तरलोक कुमार उर्फ बूंदी और परमजीत शामिल हैं। सभी फिल्लौर के चक अला बख्श, गारा, शेरपुर और मोहल्ला चोधरिया सहित विभिन्न इलाकों के निवासी हैं।
एसएसपी ने बताया कि फिल्लौर सब-डिवीजन के उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) श्री सरवन सिंह बल्ल और निर्देशन में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह के नेतृत्व में फिल्लौर पुलिस टीम ने इस कुख्यात आपराधिक नेटवर्क को प्रभावी ढंग से ध्वस्त कर दिया है। इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस कार्रवाई शुरू की गयी, जिसमें उन्हें फिल्लौर के जखीरा इलाके में गिरोह के सदस्यों की मौजूदगी की सूचना दी गई थी। पुलिस टीम ने तेजी से आरोपियों को घेर लिया और उन्हें पकड़ लिया।
उन्होंने बताया कि यह गिरोह कई महीनों से फिल्लौर, नगर, अप्परा, गुराया, बिलगा और लुधियाना इलाकों में लूटपाट और मोटरसाइकिल चोरी कर रहा था। उन्होंने कई चोरी और डकैती की वारदातें की हैं। गिरोह के सदस्य जंगल के सुनसान इलाके में छिप जाते थे और अपराध करने से पहले नशा करते थे। इन वारदातों के दौरान वे अनजान लोगों से नकदी, गहने और अन्य कीमती सामान चुरा लेते थे।
एक खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुये, इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह के नेतृत्व में फिल्लौर पुलिस ने एक त्वरित और रणनीतिक अभियान चलाया। पुलिस ने नवांशहर रोड पर गढ़ा
गांव के पास गिरोह के ठिकाने को घेर लिया, जहां आरोपी कथित तौर पर एक पेट्रोल पंप को लूटने की योजना बना रहे थे। अभियान के अंत में सभी नौ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया और चोरी की गई मोटरसाइकिलें और हथियार जब्त कर लिये गये। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने फिल्लौर इलाके में 25 से अधिक चोरी और डकैती करने की बात कबूल की। आरोपी आदतन अपराधी पाए गए और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का उनका लंबा इतिहास रहा। पृष्ठभूमि जांच से पता चला है कि गिरोह के सदस्यों के खिलाफ विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कई एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज हैं। पुलिस अब इन संदिग्धों को कई अनसुलझे मामलों से जोड़ने की प्रक्रिया में है, ताकि गिरोह के खिलाफ उनके मामले को और मजबूत किया जा सके।
वार्ता