न तो नौकरी दिलवाई- न किये रुपये वापिस- मौत को गले लगाया

लखनऊ। दो युवकों ने नौकरी दिलवाने के नाम पर एक युवक से रुपये ले लिया। बाद में न तो नौकरी लगवाई गई और न ही उसके रुपये वापिस किये गये। इससे आहत होकर युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर मामले का खुलासा हुआ है। सुसाइड नोट के आधार पर खुलासा
जानकारी के अनुसार गोमतीनगर निवासी विनय कुमार का चचेरा भाई दीनानाथ मौहल्ला विशाल खंड में किराये का कमरा लेकर रहता था। विशाल के पड़ौसियों ने विनय को फोन कर बताया कि विशाल का कमरा काफी देर से बंद है। इस पर विनय अपने अन्य परिजनों के साथ मौके पर पहुंचा। उसने कमरे में अंदर झांककर देखा, तो विशाल का शव फांसी के फंदे से झूल रहा था।

मामले की जानकारी जब पुलिस को मिली, तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को फांसी के फंदे से उतारा। पुलिस ने वहां से सुसाइड नोट भी बरामद किया है। उसमें लिखा है कि वेदप्रकाश व पवन राजभर ने उससे नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लिये थे। आरोपियों ने न तो उसे नौकरी दिलाई और न ही रुपये वापिस किये। इसी वजह से वह काफी परेशान था और उक्त वजह से ही वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

