आईपीएस अफसर सिकेरा ने बंदरों से की दोस्ती - डाली पोस्ट

लखनऊ। इन दिनों लोग यूपी समेत कई जगह बंदरों के आतंक से परेशान रहते हैं। क्योंकि खाने और पानी की तलाश में बंदर लोगों के घरों में भी घुस जाते हैं। बहुत से लोग बंदरों को भगाने के लिए पत्थर, लाठी और डंडों का इस्तेमाल भी करते होंगे, लेकिन प्यार और सम्मान के साथ भी समझाया और भगाया जा सकता है? अगर आपको यह मजाक लग रहा है तो आपको यूपी के आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा की एक फेसबुक पोस्ट देखनी चाहिए, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है।
आईपीएस अधिकारी नवनीत सिकेरा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा- 'पढ़ा था कि 93 फीसद कम्युनिकेशन नॉन वर्बल होता है, मतलब 93 फीसद बातें बिना कहे ही समझी जाती हैं। यहां पीटीसी उन्नाव में बहुत सारे बंदर हैं एक होमगार्ड की ड्यूटी डंडे के साथ सिर्फ बंदरों को भगाने के लिए लगाई जाती थी। मैंने पूछा क्यों, तो बताया गया बंदर बहुत बदमाश है काट भी लेते हैं, सबसे पहला काम किया डंडा धारी पहलवान की ड्यूटी खत्म की और बंदरो के सहज होना शुरू हुआ। अब प्रतिदिन शाम को बंदरो का पूरा कुनबा आ जाता है, चैन से चने और केले खाता है और शांति से वापस चला जाता है। आज तक किसी बंदर ने कोई भी नुकसान नहीं किया। तस्वीरों में जो बंदर दिख रहा है वह मुखिया है इनका, सबसे तगड़ा है, अब वो मेरे पास सहज रूप से आकर बैठ जाता है और मैं समझ जाता हूँ कि उसे क्या चाहिए। यहां मैं उसे शर्बत पिला रहा हूँ और वह शांति से बैठकर पी रहा है। साहब प्यार से , सम्मान से किसी को एप्रोच कीजिये, आपको सफलता मिलेगी, याद रखिये सम्मान बातों में नहीं निगाह में होता है।