बकरीद पर खुदा की बारगाह में झुके सिर, मांगी कौम व मुल्क सलामती की दुआ

मुजफ्फरनगर। ईद उल अजहा के मौके पर जनपद भर की मस्जिदों में खुदा की बारगाह में सिर झुकाकर कौम एवं मुल्क की सलामती की दुआएं मांगी गई। सभी मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज पारंपरिक तरीके से अदा की गई। मस्जिदों के बाहर मेले जैसा माहौल रहा। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए थे।
रविवार को समूचे विश्व एवं देश के साथ जनपद भर में ईद उल अजहा का त्योहार पारंपरिक तरीके से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ईद के त्यौहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए थे। शहर की ईदगाह समेत जिलेभर की अन्य मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए पहुंचे अकीदतमंदो ने अल्लाह की बारगाह में सिर झुकाकर देश एवं विश्व में शांति और खुशहाली की दुआएं मांगी। ईद उल अजहा की नमाज से पहले शहर की ईदगाह में मौलवी खलील ने खुत्बा ए अव्वल में भारी मजमे को संबोधित करते हुए ईद उल अजहा का मकसद बताते हुए तकवा तथा परहेजदारी को अहम करार दिया। उन्होंने बताया कि अल्लाह फरमाता है कि उसके पास अकीदतमंदो की कुर्बानी का ना तो गोश्त पहुंचता है और ना ही खून। अल्लाह तक सिर्फ तुम्हारा तकवा अर्थात जज्बा पहुंचता है। ईद उल अजहा की नमाज के बाद मौलवी खलील ने मुल्क और कौम की सलामती की दुआ कराई।

ईद की नमाज अदा करने के लिए सवेरे से ही नमाजियों एवं अकीदतमंदो का मस्जिदों में पहुंचना शुरू हो गया था। सभी मस्जिदों के बाहर मेले जैसा माहौल था। जहां खाने पीने की चीजों के अलावा बच्चों के खेल खिलौने की दुकानें लगी हुई थी। अनेक मस्जिदों के बाहर बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए थे।
सुरक्षा के लिहाज से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ईद उल अजहा की नमाज से पहले से लेकर नमाज समाप्त होने तक ईदगाह के बाहर ही फोर्स के साथ डटे रहे।
जिलेभर में ईद उल अजहा की नमाज को से कुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की ओर से सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किए गए थे।
ईद उल अजहा की नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ जो लगातार तीन दिनों तक चलेगा।