किया था दुराचार-मिली सजा-ए-मौत-तीन माह में मिला इंसाफ

फिरोजाबाद। जनपद न्यायालय द्वारा तीन माह पूर्व हुए मामले में 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुराचार करने वाले दोषी को सजा-ए-मौत का एलान किया है। आरोपी को सजा दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को एसएसपी ने प्रशस्ति पत्र और इनाम दिए जाने की घोषणा की है।
बृहस्पतिवार को फिरोजाबाद एसएससी अजय कुमार ने बताया की वर्ष 2020 की 14 दिसंबर को जनपद फिरोजाबाद के थाना जसराना क्षेत्र में 30 वर्षीय नीरज कुमार द्वारा एक 10 वर्षीय बालिका के साथ दुराचार किया गया था। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ तत्काल ही 376 एबी आईपीसी और 5-6 पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की विवेचना शुरू की और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाये। इस दौरान डीएनए का भी मिलान कराया गया। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही से आरोपित 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। विवेचक द्वारा 1 माह के भीतर ही विवेचना की कार्यवाही पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। थाना प्रभारी, विवेचक, अभियोजन अधिकारियों की संयुक्त पैरोंकारी व सक्रियता के चलते न्यायालय के सम्मुख पेश किए गए गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दोषी नीरज कुमार को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में मात्र 3 माह के भीतर ही दुराचार का शिकार हुई बालिका को न्याय दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही आरोपी को आज मिली मृत्युदंड की सजा से समाज के भीतर यह संदेश जाएगा कि दुराचार का परिणाम इंसान की मौत या उम्र कैद है। इस सजा के बाद लोग दुराचार जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने से बचेंगे। उन्होंने पुलिस द्वारा किए गए प्रयासों पर खुशी जताते हुए इस मामले में सक्रियता बरतने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को इनाम और प्रशस्ति पत्र दिए जाने की घोषणा की हैं।
