सोच बदलने व सतर्कता से रुकेगा दुराचार

सोच बदलने व सतर्कता से रुकेगा दुराचार

नई दिल्ली। कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो सिर्फ कानून बनाने से नहीं दूर की जा सकती हैं। कानून-व्यवस्था भी उनका पूरा समाधान नहीं खोज पाती। इसके लिए हमें प्रयास करना होगा कि लोगों की सोच बदले। साथ में हमें सतर्कता भी बरतनी पड़ेगी। अभी हाल में दुराचार के कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें आरोपियों के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। इसलिए हम सभी को नये सिरे से सोचना होगा। उत्तर प्रदेश में एक घटना को मदरसे के शिक्षक ने अंजाम दिया। मुस्लिम धर्मावलम्बियों को मदरसे के प्रति बहुत भरोसा रहता है। इसी तरह अपने परिचितों के प्रति भी सतर्क रहना पड़ता है। यह एक सामाजिक समस्या है और समाज के सभी लोगों का दायित्व ही इसे समाप्त कर सकता है। पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी तो है ही क्योंकि उनकी शिथिलता से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है। इसलिए शिकायत मिलने पर उन्हें तुरन्त कार्रवाई करनी चाहिए। केन्द्र सरकार ने राज्यों से इस संदर्भ में कड़े कानून बनाने को भी कहा है।

अभी 18 दिसम्बर को एक खबर प्रकाशित हुई। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ रेप की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने मदरसे के एक शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। लड़की की उम्र 15 साल बताई जा रही है। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि मदरसे का एक शिक्षक 26 नवंबर को उस समय उनके घर आया था जब उसकी बेटी घर में अकेली थी। फिर उसने लड़की से कथित तौर पर बलात्कार करने का प्रयास किया। पीड़िता का कहना है कि पहले उसे किसी ने पीछे से पकड़ा फिर उसके मुंह में जबरदस्ती बेहोशी की दवाई डाल दी। पीड़िता ने बताया कि इससे पहले भी मदरसे का यह शिक्षक उसके साथ कई बार बदतमीजी कर चुका है। जिसकी शिकायत वो अपने परिजनों से कर चुकी है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया शिक्षक ने पुलिस को मामले की सूचना देने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। शिवरतनगंज के थाना प्रभारी डी के सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी है। उसे जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा। पीड़िता की मां ने बताया कि उन्हें लगातार धमकी भी दी जा रही है। ऐसे में उन्हें अपनी बेटी के साथ डर के साये में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यहां पर परिजनों की ढिलाई दिख रही है। घटना को छिपाया गया।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक शर्मनाक वारदात सामने आई। एक युवक ने एक लड़की को अगवा कर बंधक बना लिया और फिर तमंचे से धमकाकर उसके साथ बलात्कार किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इसके साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। रेप की यह शर्मनाक घटना उत्तरकाशी के मोरी थाना क्षेत्र की है। जहां एक शख्स ने एक लड़की का अपहरण कर उसे एक मकान में बंधक बना लिया। इसके बाद उस शख्स ने लड़की को तमंचा दिखाकर डराया और जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान लड़की रो-रो कर उससे रहम की भीख मांगती रही लेकिन वो नहीं माना। इसी दौरान लड़की के परिजन उसे तलाश करते हुए मौका-ए-वारदात पर जा पहुंचे। लड़की की अस्मत लूटने वाले दरिंदे ने उन्हें देखते ही गोली चला दी। जिसमें लड़की के परिजन बाल-बाल बच गए जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। परिजन अपनी लड़की को वहां से घर ले आए इसके बाद वे सीधे पुलिस के पास पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद दबिश देकर पुलिस ने आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लड़की का मेडिकल कराया। उधर, आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यहां पर समाज की भूमिका पर सवाल खड़ा होता है। लड़की को जहां पर बंधक बनाकर रखा गया था, वहां के लोग अपने दायित्व से पीछे हट गये।

दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना में प्राइमरी स्कूल के एक 40 वर्षीय टीचर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि टीचर क्लास 2, 3 और 4 क्लास में पढ़ने वाली छात्राओं का यौन उत्पीड़न कर रहा था। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए वह क्लासेज के बहाने इनको स्कूल में अकेले बुलाता था, क्योंकि ऑनलाइन क्लास के लिए इन छात्राओं के पास स्मार्टफोन नहीं थे। जानकारी के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब एक छात्रा बीमार पड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दौरान उसने अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में अपनी मां को बताया। इस घटना के बारे में जानने के बाद, बच्ची के माता-पिता सहित गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी टीचर की पिटाई कर दी।

यह मामला सामने आने के बाद स्कूल की दूसरी छात्राओं से पूछताछ की गई। इस दौरान पता चला कि 7 से 11 साल के बीच की 5 से 6 छात्राओं के साथ कथित तौर पर टीचर ने यौन उत्पीड़न किया है। फिलहाल अब पीड़िताओं की मेडिकल जांच कराई जा रही है। मामले में जिले के एसपी सुनील दत्त ने कहा, उसने लॉकडाउन के दौरान पांच से छह छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न किया। हमने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपी टीचर छात्राओं को अश्लील सामग्री भी दिखाता था, साथ ही उन्हें इस बारे में मुंह न खोलने की धमकी दी थी। फिलहाल टीचर के खिलाफ रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। उससे पता चलता है कि शिक्षकों पर भी नजर रखनी चाहिए।

राजस्थान के धौलपुर से एक 18 साल की लड़की के अपहरण का मामला सामने आया है। पुलिस ने आधा दर्जन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि कुछ लड़कियां बहला फुसला कर उसे बाजार ले गईं और उसके बाद उनके कुछ साथी लड़की को बोलेरो गाड़ी में लेकर गये थे जिसका अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। इस मामले में लड़की की मां ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करा दी है। अपनी शिकायत में लड़की की मां ने पुलिस को बताया कि 12 दिसंबर को पड़ोस में रहने वाली तीन लड़कियां उनकी बेटी को बाजार ले गई थीं। इसके बाद शाम तक वो घर नहीं पहुंची। आस-पड़ोस में ढूंढने की कोशिश की लेकिन वो नहीं मिली और एक पड़ोसी के घर भी ताला लगा हुआ था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि पड़ोस के ही कुछ लोग उसे बोलेरो गाड़ी से कहीं लेकर गये हैं। इस तरह की समस्याएं आजकल ज्यादा हो रही हैं। भागदौड़ की जिंदगी में जितना ध्यान बच्चों पर देना चाहिए, हम नहीं दे पाते। (हिफी)

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