किसानों ने अमृतसर-दिल्ली राष्ट्रीय मार्ग को किया जाम

जालंधर। चीनी मिलों द्वारा खरीदे गये गन्ने के पैसे अदा नहीं करने और गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर पंजाब गन्ना संघर्ष कमेटी के आह्वान पर किसान शुक्रवार को जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित धन्नोवाली फाटक के सामने धरने पर बैठ गए जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
किसानों ने रेलवे यातायात को भी ठप करने की चेतावनी दी है। धरने के कारण कई किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। पुलिस उपायुक्त (यातायात) नरेश डोगरा के अनुसार यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए कई स्थानों पर वाहनों के मार्ग में परिवर्तन किए गए हैं।
किसान संगठन पंजाब सरकार से मांग कर रहे हैं कि 2021-22 सीजन के लिए गन्ने का समर्थन मूल्य तत्काल घोषित किया जाए। धरने पर बैठे किसान नेताओं ने कहा कि पिछले दो साल से सरकार ने गन्ने के भाव में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की है। गन्ने का समर्थन मूल्य भी दो साल के अनुसार बढ़ाया जाए। किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब में गन्ने का मूल्य बाकी सभी राज्यों की तुलना में कम है, जबकि पंजाब के गन्ने से निकलने वाली चीनी सभी राज्यों की तुलना में अधिक है।
दोआबा किसान यनियन जालंधर के प्रधान गुरप्रीत सिंह अटवाल ने बताया कि सरकारी तथा निजी चीनी मिलों की तरफ किसानों का 200 करोड़ रुपए बकाया है। सरकार के समक्ष ब्याज सहित पैसों की अदायगी करने की मांग को सरकार ने अनदेखा कर दिया है। संयुक्त मोर्चा के किसान नेता डॉ. दर्शनपाल, बलबीर सिंह राजेवल, बूटा सिंह बुर्जगिल, जगजीत सिंह दलेवाला, हरमीत सिंह कादियान, हरिंदर सिंह लखोवाल, सतनाम सिंह अजनाला, बलदेव सिंह, मेजर सिंह पुन्नवाल, बलदेव सिंह सरसा सहित बहुत से नेता धरने में शामिल हैं।
वार्ता