हेट स्पीच पर कटघरे में फेसबुक

नई दिल्ली। अमेरिका स्थित ऑनलाइन न्यूज प्लेटफार्म वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा 14 अगस्त 2020 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक जानबूझ कर भड़काऊ पोस्ट के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के उस आर्टिकल में एक बीजेपी नेता का जिक्र किया गया है, जिनके द्वारा फेसबुक पर कई भड़काऊ पोस्ट किए गए थे, लेकिन फेसबुक द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। दिलचस्प है कि हाल ही में मार्क जुकरबर्ग ने भी उस बीजेपी नेता द्वारा किए गए पोस्ट का जिक्र किया और कहा कि वह पोस्ट काफी भड़काऊ था। इसके बावजूद फेसबुक अधिकारियों पर ऐसे भड़काऊ और असामाजिक पोस्ट को जानबूझ कर नजरअंदाज करने के आरोप लगाते रहे हैं।
फेसबुक और हेट स्पीच को लेकर एक रिपोर्ट पर राजनीतिक बवाल हो गया था। कांग्रेस ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देकर इस मामले की जांच संयुक्त संसदीय कमेटी(जेपीसी) कराने की मांग की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने जोर देकर कहा था कि वह हेट स्पीच को बिल्कुल बढ़ावा नहीं देता। दरअसल अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में फेसबुक को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद राजनीतिक बवाल मच गया था। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक पर जानबूझकर दक्षिण पंथी नेताओं के उग्र विचारों को अनदेखा किया जाता है। देश में फेसबुक और वॉट्सऐप के कंट्रोल मामले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं।