कोरोना से लड़ाई- 1 जून से होगी बच्चों की सेंपलिंग

वाराणसी। कोरोना की दूसरी लहर ने सब को अस्त-व्यस्त किया है। शासन-प्रशासन से लेकर आम जनमानस तक पूरी तरह टूट चुके हैं। हमने कोरोना की दूसरी लहर में बहुत कुछ झेला है। अपने खोया है। अपनो अपने सामने दम तोड़ते देखा है। इससे उबरने के लिए हमें एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा है। मगर अब जो कि हमें पहले से ही विदित है और अनुमान लगाया जा रहा है कि तीसरी लहर अभी आना बाकी है, जो बच्चों को अपना शिकार बनाएगी। इस बीच हमें कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए पहले से ही इंतजाम करने होंगे। जिसके लिए तैयारियां अभी से शुरू भी हो गई।
वाराणसी में कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर बच्चों में संक्रमण की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तैयारियों में जुट गया है। अब वाराणसी क्षेत्र में 1 जून से बच्चों की सैंपलिंग कराई जाएगी। इसके अलावा मेडिकल छात्रों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। जिससे जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं भी ली जा सके। एमएलसी एके शर्मा की अध्यक्ष अध्यक्षता में हुई मीटिंग में बच्चों के इलाज को लेकर होने वाली व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे तीसरे और चौथे वर्ष के छात्रों को बृहस्पतिवार से ही मास्टर ट्रेनर के द्वारा ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। इस ट्रेनिंग में अधिक से अधिक डॉक्टर उपलब्ध हो सकेंगे यह तैयारी केवल वाराणसी ही नहीं अपितु वाराणसी के आसपास जिलों को भी शामिल करते हुए की जा रही है। कोरोना से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियां रखनी होगी तभी हम कोरोना पर विजय पा पाएंगे।
बच्चों को इलाज के लिए जरूरी संसाधन मेडिकल उपकरणों व इनकी उपलब्धता की जानकारी भी मांगी जा रही है। साथ ही वेंटीलेटर सहित अन्य उपकरणों का प्रयोग करने आदि पर भी चर्चा की गई है। बैठक में मास्टर ट्रेनर तैयार होने के बाद वाराणसी पूर्वांचल के अन्य जिलों में आजमगढ़ मंडल विद्यांचल मंडल में भी जाकर ऑनलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से डॉक्टर तैयार किए जाएंगे। जिससे जरूरत पढ़ने पर अधिक डॉक्टर उपलब्ध हो और हम कोरोना से दो दो हाथ कर उसे हरा सके।