रूसी राजनयिकों ने कोरिया में झेली मुसीबत

मॉस्को। कोरोना वायरस पाबंदियों के चलते उत्तर कोरिया में फंसे रूसी राजनयिकों को घर पहुंचने के लिए मुश्किल भरा रास्ता चुनना पड़ा। रूस के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। उनके 8 कर्मचारी और परिवार के सदस्य हाथ से चलने वाली रेलगाड़ी के बदौलत अपने देश वापस लौटे हैं। दरअसल, कोरोना पाबंदियों के चलते दोनों देशों को बीच हवाई सेवा लंबे समय से बंद है। खास बात है कि इस खतरनाक यात्रा पर राजनयिकों के साथ उनके छोटे बच्चे भी मौजूद थे।
उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के प्रयास में किम जोंग-उन ने हवाई सेवाओं पर रोक लगा दी थी। यह रोक करीब साल भर से जारी है। ऐसे में कुछ रूसी राजनयिक कोरिया में फंस गए थे। तमाम कोशिशों के बाद उन्हें घर वापसी का कोई रास्ता नहीं सूझा, तो उन्होंने हाथ से चलने वाली रेलगाड़ी की मदद से सफर पूरा किया। इस दौरान उन्होंने लंबे समय तक बस यात्रा भी की। राजनियकों की यात्रा ट्रेन से शुरू हुई। उन्होंने नॉर्थ कोरिया के पुराने और धीमी रेल व्यवस्था में करीब 32 घंटों तक सफर किया। राजनयिकों के इस समूह में दूतावास के तीसरे सचिव व्लादिस्लाव सोरोकिन और उनकी 3 साल की बेटी वारया भी मौजूद थे।