अफगानिस्तान में फंसे लोगों के परिजनों ने लाइव देखा मौत का मंजर-बहे आंसू

लखनऊ। अफगानिस्तान में तालिबान की ओर से किए गए तख्तापलट के बाद वहां पर हो रही बमबारी और फायरिंग की दहशत के बीच उत्तर प्रदेश के 5 लोग वहां पर फंसे हुए हैं। देवरिया के नीतीश ने वीडियो कॉल के माध्यम से वहां पर हो रही बमबारी के दृश्य जब परिवार वालों को दिखाएं तो माता-पिता की आंखों से झर-झर आंसू बहने लगे।
अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के कब्जे के बाद विद्रोह को दबाने के लिए तालिबानियों द्वारा की जा रही बमबारी और फायरिंग की दहशत के बीच उत्तर प्रदेश के लोग भी अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं। बृहस्पतिवार को अफगानिस्तान में फंसे देवरिया के नीतीश ने वीडियो कॉल के माध्यम से वहां पर हो रही बमबारी के दृश्य अपने परिवार वालों को दिखाएं। जिसे देखकर नीतीश के परिवार वालों की रूह बुरी तरह से कांप उठी और बेटे को ऐसे हालातों में फंसा देखकर माता-पिता की आंखों से झर-झर आंसू बहने लगे। बुलंदशहर, गाजीपुर और जौनपुर के युवकों की भी अफगानिस्तान में हालत बेहद खराब है। हालातों के आगे पूरी तरह से बेबस हो गए यह लोग अपनी कंपनी के भीतर से ही घरवालों को वीडियो कॉल के माध्यम से अपनी और वहां की स्थिति बता पा रहे हैं। उधर काबुल में तो इधर देश में अफगानिस्तान में फंसे लोगों के घरों में चिंता का माहौल है कि कहीं तालिबानी किसी भी पल उनके पास तक ना पहुंच जाएं। अफगानिस्तान में फंसे लोगों के परिवारजनों ने सरकार से गुहार लगाई है कि वह जल्द से जल्द अफगानिस्तान में फंसे लोगों को सुरक्षित वापस बुलाए। देवरिया के नीतीश ने बताया कि वह गोलियों और बमबारी की आवाज सुनते रहते हैं। वीडियो कॉल करके उन्होंने अपने माता-पिता को बताया कि यहां के हालात ठीक नहीं है। नीतीश का कहना है कि वह जिस कंपनी में काम कर रहा फिलहाल तो वहां सुरक्षित हैं। लेकिन दहशत के साए तले जी रहे हैं, पता नहीं किस पल उनके साथ क्या हो जाए?