ज्ञानवापी के बाद अब इस जामा मस्जिद के मंदिर होने को लेकर खड़ा हुआ विवाद

ज्ञानवापी के बाद अब इस जामा मस्जिद के मंदिर होने को लेकर खड़ा हुआ विवाद

नई दिल्ली। वाराणसी में चल रहे ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे की आंच अब मध्य प्रदेश के भोपाल तक पहुंच गई है। संस्कृति बचाओ मंच की ओर से अब भोपाल की जामा मस्जिद के भीतर शिव मंदिर होने का दावा किया गया है। इसके लिए उर्दू में लिखी हयाते कुदसी नामक पुस्तक के 688 वें पेज का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस पुस्तक में जामा मस्जिद के भीतर शिव मंदिर होने का जिक्र है। इसी आधार पर संस्कृति बचाओ मंच की ओर से आज याचिका दाखिल किए जाने की तैयारियां की गई है।

दरअसल भोपाल के चौक बाजार में स्थित जामा मस्जिद लाल रंग के पत्थरों से निर्मित है। जिसका निर्माण भोपाल राज्य के 8 वें नवाब परिवार की शासक कुदसिया बेगम ने कराया था। यह मस्जिद दिल्ली की जामा मस्जिद की तरह ही चारबाग पद्धति पर आधारित है। 9 मीटर वर्गाकार ऊंचे स्थान पर निर्मित इस मस्जिद के चारों कोनों पर हुजरे बने हुए हैं। जामा मस्जिद की 3 दिशाओं से प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। भीतर की तरफ बीच में एक बड़ा आंगन है। पूर्वी एवं उत्तरी द्वार के मध्य यानी बीच में एक हौज बनाई गई है। यहां का प्रार्थना स्थल अर्थ स्तंभ एवं स्वतंत्र स्तंभ पर आधारित है।

उधर भोपाल के संस्कृति मंच की ओर से अब जामा मस्जिद के भीतर शिव मंदिर होने का दावा किया गया है। जिससे यह मामला ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे की तरह अब देशभर में चर्चाओं में आ गया है। मंच ने सरकार से ज्ञानवापी मस्जिद की तर्ज पर इसका भी सर्वे कराने की मांग की है। मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया गया था।

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