भाकियू ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर किया धरना प्रदर्शन

भाकियू ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर किया धरना प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर। भाकियू कार्यकर्ताओं ने किसान आंदोलन के समर्थन में कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को 13 सूत्रीय ज्ञापन भेजकर केेंद्र द्वारा लागू किये गये कृषि कानूनों को वापिस लिये जाने कीे मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ किसान आंदोलन के समर्थन में जोरदार नारेबाजी भी की।

देश की राजधानी दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर किसानों के आहवान पर सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। नारेबाजी करते हुए कचहरी पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और उपवास पर बैठ गये। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश का अन्नदाता किसान पिछले 19 दिनों से राजधानी में जाडा-पाला सहते हुए केंद्र सरकार द्वारा किसानों से सलाह किये बगैर लाये गये तीन कृषि बिलों को वापिस लिये जाने की मांग कर रहा है। लेकिन केंद्र सरकार किसानों की कोई सुनवाई नही कर रही है। किसानों का इस समय गन्ना छिलाई और गेहूं बुवाई का समय चल रहा है। लेकिन सरकार की अनदेखी से कुपित होकर अन्नदाता किसान को अपनी मांगों के लिए आंदोलन करना पड रहा है।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार देश के बडे औद्योगिक घरानों को खुश करने के लिए नये कृषि कानूनों को लेकर आई है। नये कानून किसानो के हित में नही है और वे उसे बर्बाद कर देगें। भाकियू कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपकर केंद्र सरकार द्वारा लाये गयेे तीनों कृषि बिलों को वापिस लेने, एमएसपी को अनिवार्य बनाये जाने, किसानों के सभी कर्ज माफ करने, चीनी का न्यूनतम मूल्य 40 रूपयें प्रति किलो निर्धारित कर किसानों का चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान अविलंब कराने, किसान सम्मान निधि की राशि 6000 से 24 हजार करते हुए सभी किसानों को पहली किश्त की तरह लाभ दिये जाने, किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचानें के लिए वृहद कार्ययोजना बनाने, किसानों को खेतों की सिचाई के लिए निशुल्क बिजली देने आदि मांगे र्की।

किसान यूनियन के जिला सचिव ने कहा कि जो किसानो का समर्थन कर रहा है उसका स्वागत है लेकिन जो लोग केवल दिखावा कर रहे है अपनी राजनितिक रोटियां शेख रहे है हमारे साथ आने का उनका हम लोग भी विरोध करते है अगर किसी को साथ आना है वो अपने अपने पदों से इस्तीफा देकर किसानो के साथआये हमे राजनीती से की मतलब नहीं है

प्रदर्शन कर धरना देने वालों में नीटू दुल्हैरा, बिटटू प्रधान, संजीव पंवार, प्रवीन गोलियान, प्रवीण कुमार चंधैडी, डा.विकास मलिक, संजीव त्यागी,राजेंद्र सैनी, विकास, जोगिंद्र प्रधान, नीरज पहलवान, प्रवेंद्र राठी, आदि अनेक कार्यकर्ता और किसान मुख्यरूप से शामिल रहे।ने

Next Story
epmty
epmty
Top