बंदियों की शिक्षा एवं सुधार का काम शुरू- बनाए जा रहे आधार कार्ड

लखनऊ। केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राज्य की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से जारी किए गए दिशा निर्देशों के अंतर्गत डीजी जेल आनंद कुमार की ओर से राज्य की जेलों में बंदियों की शिक्षा एवं उनमें सुधार के उपाय शुरू करते हुए फिलहाल बंदियों के आधार कार्ड बनाने और उनके आधार कार्ड में व्याप्त त्रुटियों को दूर करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
केंद्र और राज्य सरकार की बंदी सुधारात्मक योजनाओं जैसे शिक्षा, प्रशिक्षण, स्किल डेवलपमेंट, रिहाई और पुनर्वासन की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और तीव्र गति से लागू करने और कारागारों में निरुद्ध बंदियों को सुधार कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा में वापस करने के उद्देश्य से जेलों में निरुद्ध बंदियों के आधार कार्ड बनाने का कार्य प्रारंभ हो गया है।
यह कार्य भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UDAI) द्वारा प्रदेश की हर जेल में कराया जा रहा है।. जिसके अंतर्गत ऐसे बंदी जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, उनका नया आधार कार्ड बनाया जा रहा है। जिन बंदियों के पास आधार कार्ड है, किंतु इनमें कोई संशोधन आवश्यक है तो ऐसे बंदियों का आधार कार्ड संशोधित भी किया जा रहा है। इस हेतु आवश्यक अभिलेख के रूप में जेल अधीक्षक द्वारा जारी संबंधित बंदियों का “ प्रिजनर इंडक्शन डॉक्यूमेंट “ यूडाई द्वारा स्वीकार किया जा रहा है। डीजी जेल आनंद कुमार के मुताबिक यह एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इसके सफल होने पर न सिर्फ़ जेलों का प्रशासन और अधिक पारदर्शी होगा बल्कि बंदी शिक्षा और सुधार के कार्य भी तेज होंगे।