बंद हुई 2000 के नोटों की छपाई- क्या है सरकार का इरादा...

नई दिल्ली। दो वर्षों में 2000 के एक भी नोट की छपाई नहीं की गई है। धीरे-धीरे करेंसी व्यवस्था से 2000 रुपये के नोट को बाहर किया जा रहा है। इसी के चलते अब कुल नोटों में से 2000 रुपये के नोटों की संख्या मात्र 2.01 फीसदी रह गई है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में केन्द्र सरकार ने सख्त फैसला लेते हुए नोटबंदी की थी। इसके तहत 500 और 2000 रुपये के नए नोट शुरू किये गये थे। पुराने 500 व 1000 के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था। अब सरकार द्वारा संसद में बताया गया है कि विगत दो वर्षों से 2000 का एक भी नया नोट नहीं छापा गया है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि 30 मार्च 2018 को 2000 के 336.2 करोड़ नोट चलन में थे। 26 फरवरी 2021 में इनकी संख्या घटकर 249.9 करोड़ रह गई है। 2019-2020 और 2020-21 में 2000 रुपये के नोटों की छपाई का आर्डर नहीं दिया गया है।

