पोषक तत्वों से भरपूर चावल 15 राज्यों में होगा वितरित

नई दिल्ली। सरकार ने कुपोषण की समस्या दूर कर पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश के 15 राज्यों में पोषक तत्वों से भरपूर (जैव संवर्धित) चावल का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम करने का निर्णय किया है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने केन्द्र प्रयोजित इस योजना के तहत पायलट परियोजना के तहत चयनित राज्यों के एक एक जिले में पोषक तत्वों से भरपूर यह चावल उपलब्ध करायेगा । कुल 174.6 करोड़ रुपये की इस योजना को तीन साल के लिए मंजूरी दी गयी है ।
आन्ध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और छत्तीसगढ के चयनित जिलों में पहले से ही यह योजना चलायी जा रही है।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल ने 31 अक्टूबर को इस संबंध में एक समीक्षा बैठक की थी और इस योजना का विस्तार करने का निर्देश दिया था । इसके बाद विभाग के सचिव के स्तर पर भी गत सोमवार को एक बैठक हुयी थी जिसमें भारतीय खाद्य निगम को पोषक तत्वों से भरपूर चावल की खरीद और उसके वितरण को लेकर एक विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया था ताकि सभी जिलों में इसे उपलब्ध करायया जा सके ।
देश के 112 आकांक्षी जिलों में समेकित बाजल विकास योजना और मिड डे मील में भी इस चावल को उपलब्ध कराया जाना है ।
नीति आयेग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस योजना के संबंध में बातचीत की है ।
सभी आकांक्षी जिलों में इस चावल की उपलब्धता के लिए 130 लाख टन चावल की जरुरत होगी। देश में करीब 28000 चावल मिल हैं जिसे पोषक तत्वों से भरपूर चावल तैयार करने के लिए कुछ उपकरण लगाने होंगे।