प्रकाश जावडेकर ने उपराष्‍ट्रपति के कार्यकाल पर ई-बुक 'कनेक्टिंग, कम्युनिकेटिंग, चेन्जिंग' का किया विमोचन

प्रकाश जावडेकर ने उपराष्‍ट्रपति के कार्यकाल पर ई-बुक कनेक्टिंग, कम्युनिकेटिंग, चेन्जिंग का किया विमोचन

नई दिल्ली। केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने आज भारत के उपराष्‍ट्रपति के तीन वर्ष के कार्यकाल पर एक पुस्‍तक के ई-संस्‍करण 'कनेक्टिंग, कम्युनिकेटिंग, चेन्जिंग' का विमोचन किया। ई-बुक का उसके कॉफी टेबल संस्करण प्रिंट के साथ विमोचन किया गया, जिसका विमोचन केन्‍द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति निवास में आयोजित किया गया। प्रकाशन विभाग द्वारा लाई गई 250 से अधिक पृष्ठों की पुस्‍तक में भारत और विदेश में उपराष्ट्रपति की यात्राओं सहित उनकी परिवर्तनशील गतिविधियों की शब्दों और चित्रों के माध्यम से जानकारी दी गई है। इसमें किसानों, वैज्ञानिकों, डॉक्टरों, युवाओं, प्रशासकों, प्रमुख उद्योगपतियों और कलाकारों के साथ उनकी बातचीत की झलक है।



इस पुस्तक में उपराष्ट्रपति की विदेश यात्राओं, विश्व नेताओं के साथ उनकी बातचीत और विभिन्न देशों में भारतीय प्रवासियों को उनके संबोधन से संबंधित कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है। ई-पुस्तक का विमोचन करते हुए केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि पुस्तक संवाद के जरिए लोगों से जुड़ने और बदलते भारत के बारे में है और पुस्तक का यह तीसरा संस्करण उन छात्रों के लिए एक खजाना है जो उपराष्ट्रपति के भाषणों का अनुसरण करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाषण विचारों और भावनाओं से परिपूर्ण हैं और इनमें भाषा का एक अनूठा प्रवाह है। सूचना और प्रसारण मंत्री ने कॉफी टेबल बुक और इसके ई-संस्करण को लाने के लिए प्रकाशन विभाग को भी बधाई दी।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वाकपटुता एक कला है। उपराष्ट्रपति अपने दिल से बोलते हैं तथा उनके भाषण उनके विचारों और भावनाओं का प्रतिबिंब हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छी पुस्‍तक ऐसा सबसे बड़ा उपहार है जो एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को दे सकती है और पाठक इस पुस्तक को बार-बार पढ़ते रहेंगे। राजनाथ सिंह ने इस संकलन को लाने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय को धन्यवाद दिया, जिसे उपराष्ट्रपति के रूप में नामित किया गया है, जिसने लगातार थ्री-सी कनेक्टिंग, कम्युनिकेटिंग, चेन्जिंग' का मार्ग प्रशस्त किया है।

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि प्रकाशन मुख्य रूप से उनके मिशनों और परिणामों के संदर्भ को परिभाषित करता है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में एक व्यस्त सार्वजनिक व्यस्तता थी, जिसके बाद कोरोना से प्रेरित असहज मंदी थी और पहले चरण में प्रति माह लगभग 20 सार्वजनिक कार्यक्रम हुए, जिनमें 14 दीक्षांत समारोहों और करीब 70 सार्वजनिक कार्यक्रमों को संबोधित किया। उन्होंने मुख्य रूप से किसानों, युवाओं, वैज्ञानिकों, प्रशासकों, उद्योगपतियों, डॉक्टरों और प्रवासी भारतीयों के साथ बात की।

धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सूचना और प्रसारण सचिव अमित खरे ने कहा कि यह पुस्तक समाज के सभी वर्गों को प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रकाशन विभाग राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के सभी भाषणों को रिकॉर्ड करने के लिए हर साल प्रयास कर रहा है, और उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भविष्य की पीढ़ियों को उपलब्ध कराएगा। खरे ने प्रकाशन विभाग को कॉफी टेबल बुक के प्रकाशन के लिए उनके प्रयासों के लिए बधाई दी।

यह पुस्तक वास्‍तविक और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। 1500 रुपये कीमत के साथ पी-बुक, प्रकाशन विभाग के बिक्री केन्‍द्रों और देशभर में उसके अधिकृत एजेंटों तथा भारतकोश पोर्टल के माध्यम से और प्रकाशन प्रभाग की वेबसाइट से खरीदी जा सकती है। इसका मूल्‍य 1125 रुपये (पी-बुक की लागत का 75%) है। यह पुस्‍तक ई-वाणिज्‍य प्लेटफॉर्मों, अमेजन डॉट इन और गूगल प्‍ले स्‍टोर बुक्‍स पर उपलब्ध होगी।

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