विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दूसरी बार स्थगित

विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दूसरी बार स्थगित

नयी दिल्ली। पेगासस जासूसी, महँगाई और किसानों के मुद्दों पर लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सोमवार को दो बजे दोबारा आरंभ हुई तो विपक्षी सदस्यों ने फिर शोर शराबा और हंगामा शुरू कर दिया जिसके कारण पीठासीन अधिकारी किरीट सोलंकी ने पौना घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

सोलंकी ने एक बार के स्थगन के बाद दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ की तो विपक्षी सदस्य हाथों में नारे लिखे तख्तियां लेकर सदन के बीचोंबीच आकर नारेबाजी करने लगे। शोर शराबे के बीच ही पीठासीन अधिकारी ने जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाए।

उन्होंने सदस्यों ने हंगामा नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि सदन चर्चा के लिए होता है। सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए। इसलिए सभी सदस्यों को अपनी जगह पर जाकर सदन की चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। लेकिन हंगामा कर रहे सदस्यों ने उनकी एक नहीं सुनी और शोर शराबा करते रहे। हंगामा बढ़ते देख पीठासीन अधिकारी ने दो बजकर 45 मिनट तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

इससे पहले सुबह भी विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। अध्यक्ष ओम बिरला ने करगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि और टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू को बधाई देने के बाद जैसे ही प्रश्नकाल शुरू किया तो कांग्रेस, वामदल और तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे कथित पेगासस जासूसी की जाँच, किसानों के मुद्दे और महँगाई पर सरकार से जवाब की माँग कर रहे थे। शोर-शराबे के बीच ही प्रश्नकाल की कार्यवाही चलती रही।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे तब विपक्षी सदस्यों का शोर बढ़ गया। बिरला ने उनसे कहा कि वे अपनी सीटों पर जायें। वे सरकार से जवाब चाहते हैं और सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। उन्हें सरकार का जवाब सुनना चाहिये। लेकिन जब उनकी अपील का हँगामा कर रहे सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ तो सुबह 11.24 बजे अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।



वार्ता

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