अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान में शुरू हुआ सत्ता संघर्ष

नई दिल्ली। अफगानिस्तान की सत्ता को बेदखल करके काबुल तक काबिज होने वाले तालिबान में अब सत्ता के लिए आंतरिक संघर्ष शुरू हो गया है। पहले से ही खून से लथपथ और युद्ध ग्रस्त हुए अफगानिस्तान में इस सत्ता संघर्ष देशवासियों समेत विश्व समुदाय के बीच चिंता बढ़नी शुरू हो गई है।
न्यूयॉर्क पोस्ट में लिखे गई एक लेख में होली मेके ने कहा है कि कई जमीनी स्रोतों और पूर्व खुफिया एवं सैन्य अधिकारियों ने विभिन्न तालिबान गुटों के बीच सत्ता पर काबिज होने के लिये साफतौर से विभाजन होने की पुष्टि की है। काबुल में एक पूर्व सरकारी अधिकारी ने कहा है कि मौजूदा समय में अफगानिस्तान में जमीनी स्तर पर हालात बदतर होते जा रहे हैं। तालिबान आपस में ही सत्ता को लेकर विभाजित होने लगा है। तालिबानियों के विभिन्न गुट सरकार बनने से पहले अपनी अपनी अलग बैठक करने लगे हैं। इससे दिखाई दे रहा है कि तालिबान के भीतर कमांड की एकता की कमी है। पता चल रहा है कि सत्ता को लेकर तालिबान के बीच बड़े विवाद हैं। विभिन्न जातियां और जन जातियां सभी अफगानिस्तान में सत्ता पाना चाहती हैं। सत्ता के लिए शुरू हुआ संघर्ष तालिबान के लिए एक बड़ा धक्का है।
सूत्रों का कहना है कि यहां आमतौर पर हक्कानी नेटवर्क को पहले से ही काबुल की सुरक्षा के प्रभारी के रूप में नामित किया गया है जो अफगानिस्तान से संबंधित सभी मामलों में राजनीतिक और सैन्य रूप से पर्दे के पीछे कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खलील हक्कानी जिस पर अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद 50 लाख अमेरिकी डालर का इनाम है को अफगानिस्तान में सुरक्षा का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है।

