संसद सुरक्षा चूक-पकड़े गए आरोपियों को 10 लाख देने का ऐलान

नई दिल्ली। संसद पर 22 साल पहले हुए हमले की बरसी पर लोकसभा में सेंधमारी करते हुए सदन में कूदने वाले आरोपियों के मामले में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने अपनी एंट्री मारते हुए महिला सहित संसद में घुसपैठ करने के मामले में पकड़े गए चारों आरोपियों को लीगल एड देने की पेशकश की है। लेकिन पूरे मामले में सिख फॉर जस्टिस समूह की संलिप्तता है या नहीं? इस पर पन्नू ने अपनी जुबान बंद रखी है।
राजधानी दिल्ली में बुधवार को संसद पर आतंकी हमले की 22वीं बरसी के मौके पर एक बार फिर से लोकसभा में सेंध लगाने के मामले में गिरफ्तार किए गए महिला समेत पांच आरोपियों को खालिस्तानी आतंकवादी समूह सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने लीगल एड देने की पेशकश करते हुए इस बाबत एक संदेश जारी किया है, जिसमें पन्नू ने संसद हमले की बरसी पर संसद की सुरक्षा को तार-तार करने वाले चार पुरुषों एवं महिला को 10 लाख रुपए की कानूनी सहायता देने का ऐलान किया है।
लेकिन इस दौरान गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 5 दिसंबर को खुद की ओर से जारी किए गए बयान और बुधवार को संसद में हुई सेंधमारी के मामले में उसका हाथ है या नहीं इस मामले पर पन्नू ने अपनी जुबान पर ताला लगा कर रखा है। जारी किए गए संदेश में पन्नू ने लिखा है तो वास्तव में भारतीय संसद की नींव को झटका लगा है। सेल्फ डिफेंस के लिए हथियारों से लैस होना जरूरी है।