गॉड्स ग्रेस स्कूल नही लेगा तीन महीने की फीस, पेश की इंसानियत की मिसाल

मुज़फ्फरनगर । 24 मार्च से कोरोना संक्रमण के कारण देश में आम लोगो के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों के सामने भी स्कूल की फीस का नोटिस एक बड़ा संकट खड़ा कर रहा है। शहर , कस्बा इन गांवों से अभिभावकों की मांग लगातार सामने आ रही है कि लॉकडाउन के दौरान की फीस स्कूल ना लें। इसके लिए कई अभिभावकों ने न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया, कलेक्टरों के दफ्तरों के चक्कर भी लगाए मगर मायूसी ही हाथ लगी है, हालांकि कई स्कूलों ने फ़ीस नही लेने का भी ऐलान किया। अब मुज़फ्फरनगर शहर के एक स्कूल ने तीन महीने की फीस का ऐलान कर उन स्कूल संचालकों के लिए एक नजीर पेश की है जो फ़ीस लेने पर अड़े हुए है।
आज दिनांक 29 जुलाई 2020 नगर के गॉड्स ग्रेस इंटर कॉलेज की कार्यकारणी सभा एवं अभिभावक संघ की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। सभा का मुख्य एजेंडा कोरोना संकट के कारण तीन महीनों की स्कूल व ट्रांसपोर्टेशन फीस माफ कराने को को लेकर था। सभा की अध्यक्षता कॉलेज चेयरमैन साजिद हसन त्यागी ने की । बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पूरा देश जून माह तक लॉकडाउन रहा था। उसके बाद अनलॉक शुरू हुआ है इस कारण गत कई महीनों से सभी अभिभावक एवं जन सामान्य आर्थिक रुप से प्रभावित हुआ है, इसलिए कोविड -19 महामारी से प्रभावित अभिभावकों के लिए अप्रैल - मई और जून 3 महीनों की स्कूल व ट्रांसपोर्टेशन फीस स्कूल द्वारा नही लेने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रभावित अभिभावकों हेतु एक सादे कागज पर मांग पत्र लिखकर अनिवार्य रूप से देना होगा । कॉलेज के संस्थापक व सरपरस्त हाजी हाफिज मोहम्मद असगर विज्ञानवी ने कहा कि यह निर्णय संकट की इस घड़ी में प्रभावित अभिभावकों को बड़ी राहत देने का कार्य करेगा और प्रभावित अभिभावकों को इसकी भरपाई के लिए ज़कात अल - माल मद का उपयोग किया जाएगा ।
प्रधानाचार्य मोहम्मद इमरान ने जानकारी देते हुए बताया कि नए सत्र में प्रवेश लेने वाले प्रभावित प्रतिभावान छात्र छात्राओं को विशेष छूट देने का ऐलान भी प्रबंध समिति ने किया है । कॉलेज प्रबंधक मोहम्मद गुफरान एडवोकेट ने अपील की है कि जिस प्रकार विद्यालय प्रबंध समिति ने 3 माह की फीस नही लेने का फैसला कर अपना बड़ा दिल दिखाया है। उसी प्रकार अभिभावक गण भी विद्यालय का सहयोग समय से फीस जमा करके करें, क्योंकि विद्यालय की आर्थिक निर्भरता अभिभावकों से आने वाली स्कूल फीस पर ही निर्भर होती है ।
ज्ञात हो कि विद्यालय में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन अप्रैल माह के पहले सप्ताह से ही किया जा रहा है। विद्यालय के इस कदम की अभिभावकों ने खुले दिल से सराहना की है ।