ADM एवं ASP ने जांची आपदा एवं बाढ़ राहत व्यवस्थाएं
संबंधित अधिकारी द्वारा बताया गया कि विकासखंड गढ़मुक्तेश्वर स्थित गंगा नदी के आसपास के 26 गांव बाढ़ से प्रभावित रहते हैं;
हापुड़। जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देशन में अपर जिला अधिकारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में आयोजित की गई आपदा प्रबंधन बैठक में प्रशासन के पास बाढ और अन्य आपदाओं से निपटने के लिये मौजूद व्यवस्थाओं की जांच परख करते हुए संबंधित अधिकारियों से अभी से ही समूची तैयारी कर लेने के निर्देश दिए गए।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी श्रद्धा शांडिल्यायन एवं अपर पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्र की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में संबंधित अधिकारी द्वारा बताया गया कि विकासखंड गढ़मुक्तेश्वर स्थित गंगा नदी के आसपास के 26 गांव बाढ़ से प्रभावित रहते हैं। बाढ आने पर खेतों में पानी सप्ताह भर तक भरा रहता है।
तहसीलदार गढ़मुक्तेश्वर ने बताया कि हमारे पास 17 गोताखोर हैं, 88 नाविक है। इस पर अपर पुलिस अधीक्षक ने बैठक में कहा कि बाढ़ चौकियां समय रहते स्थापित कर ली जाए। कम्युनिकेशन सिस्टम मजबूत होना चाहिए। बाढ और अन्य आपदा से निपटने के लिये एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की उपलब्धता रहे। वायरलेस सिस्टम लगा दिया जाए। बाढ़ के दौरान विद्युत लाइन विच्छेदित कर दी जाती है, इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी पेट्रोमैक्स और जनरेटर की व्यवस्था पहले से ही कर ले। पुलिस बल के साथ साथ राजस्व के अधिकारी संयुक्त रुप से ग्रामों में भ्रमण कर ले।
अपर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के चारे की व्यवस्था पहले से ही करके रखें और मुख्य चिकित्सा अधिकारी ग्रामीणों के स्वास्थ्य हेतु सतर्क रहें तथा दवाइयां व एंबुलेंस पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग बाढ़ से बचाव हेतु कार्य योजना तैयार कर ले। तहसीलों के द्वारा आश्रय स्थलों की स्थापना समय से पूर्व कर ली जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रेखा शर्मा, समस्त उपजिलाधिकारीगण/ तहसीलदार, जिला पंचायत राज अधिकारी , जिला पूर्ति अधिकारी , जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।