पंचायत चुनाव-अपने परिजनों को BJP मंत्री और MLA नहीं दिला सके जीत

पंचायत चुनाव की मतगणना ने सत्ता और विपक्ष के कई सांसदों व विधायकों के साथ मंत्रियों को भी हैरत में डाल दिया है।;

Update: 2021-05-03 06:52 GMT

लखनऊ। राज्य में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना ने सत्ता और विपक्ष के कई सांसदों व विधायकों के साथ मंत्रियों को भी हैरत में डाल दिया है। राजनीति के तमाम दिग्गज अपने ही घर गांव में अपने परिवार के सदस्य को प्रधान तो क्या क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का चुनाव नहीं जितवा सके हैं।

रविवार की सवेरे 8.00 बजे राज्यभर में शुरू हुई त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना ने चैकाने वाले परिणाम दिए हैं। हालात कुछ ऐसे रहे हैं कि सत्ताधारी दल के साथ विपक्षी दलों के बड़े नेता, विधायक और सांसद तथा मंत्रीगण अपने ही गांव में अपनों को प्रधान पद का चुनाव तो क्या क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का भी चुनाव तक जितवाने में असफल रहे हैं। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री के भतीजे गांव में प्रधान पद का चुनाव हार गए हैं।

मंत्री के भतीजे को प्रतिद्वंदी उम्मीदवार ने 201 मतों से हराकर जीत हासिल की है। इसी तरह से बस्ती जनपद के हरैया विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अजय सिंह की सगी भाभी कविता सिंह क्षेत्र पंचायत सदस्य पद का ही चुनाव हार गई हैं। यह दोनों हार की खबर रविवार की शाम से ही सोशल मीडिया पर खूब चटखारों के साथ चली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी एक बड़ी तैयारी के साथ चुनावी रण में उतरी थी। मतगणना के शुरुआती रुझानों से उसके नतीजे आते लग रहे हैं। रात 10.00 बजे तक भाजपा खेमे में जनपदों से पहुंची सूचना के आधार पर दावा किया जा रहा है कि जिला पंचायत सदस्य पद की 70 प्रतिशत सीटों पर भाजपा को जीत मिल सकती है। अंतिम परिणाम आने के इंतजार किए जा रहे हैं जो कि सोमवार दोपहर तक आने की उम्मीद की जा रही है।

Tags:    

Similar News