निंदनीय दुस्साहस- बेटों के सामने निजी बस में महिला से गैंगरेप
ऊचचंगी दुर्गा मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद बस में सवार होकर अपने घर लौट रही थी।;
बेंगलुरु। दावणगेरे जनपद में निंदनीय और दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए प्राइवेट बस में बेटों के सामने महिला के साथ गैंगरेप की घटना अंजाम दी गई है। आरोप है कि पुलिस ने मामला दबाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन पुलिस अधीक्षक की ओर से दिए गए दखल के बाद इस संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कार्यवाही शुरू की।
कर्नाटक के दावणगेरे जनपद के विजयनगर की रहने वाली महिला अपने बच्चों के साथ दावणगेरे के हरपनहल्ली में ऊचचंगी दुर्गा मंदिर में दर्शन पूजन करने के बाद बस में सवार होकर अपने घर लौट रही थी।
महिला के दुर्भाग्य से इलाके में जाने के लिए यह आखिरी बस थी और उस समय बस में केवल सात आठ यात्री सवार थे जो रास्ते में अपना अपने गंतव्य पर उतर गए। इसके बाद बस के भीतर बच्चों के साथ महिला को अकेली देख ड्राइवर बस को चन्नापुरा के पास एक सुनसान जगह पर ले गया।
जहां गाड़ी में सवार ड्राइवर, कंडक्टर और हेल्पर ने बच्चों के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उनके हाथ भी बांध दिए। इसके बाद तीनों ने बच्चों के सामने ही उनकी मां के साथ बारी-बारी से बलात्कार किया।
इसी दौरान खेतों में काम करके वापस लौट रहे किसानों ने जब बस को सुनसान जगह पर खड़े हुए देखा तो उन्होंने सामने आते हुए महिला को बचाया।
किसानों ने ड्राइवर प्रकाश मदीवालारा, कंडक्टर सुरेश और हेल्पर राजशेखर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया और पुलिस ने एक खाली कागज कर पीड़ित महिला के हस्ताक्षर ले लिए। बाद में मामला पुलिस अधीक्षक के पास जाने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करना दिखाया।