चुनाव के ऐनवक्त क्या भाजपा में मचेगी भगदड़
उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के भीतर विधानसभा के चुनाव कराने की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों के भीतर भगदड़ शुरू हो गई है;
लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के भीतर विधानसभा के चुनाव कराने की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों के भीतर भगदड़ शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी भी इस भगदड़ से अछूती नहीं रही है। मंगलवार को जिस तरह से योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, उसके चलते तिलहर से भाजपा विधायक समेत कई अन्य विधायकों एवं मंत्रियों के योगी सरकार से बाहर आने की चर्चाएं राजनैतिक गलियारों में तेजी के साथ दौड़ने लगी है।
दरअसल मंगलवार को योगी आदित्यनाथ सरकार से इस्तीफा देकर बाहर हुए कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपना इस्तीफा लेकर तिलहर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा को गवर्नर हाउस भेजा था। कैबिनेट मंत्री ने गवर्नर हाउस भेजें अपने इस्तीफे में लिखा है कि मैंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों एवं विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है। किंतु सरकार के दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण मैं उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा दे रहा हूं। कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का इस्तीफा लेकर गवर्नर हाउस पहुंचे तिलहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोशनलाल वर्मा से जब मीडिया कर्मियों द्वारा यह पूछा गया कि क्या आप भी भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में जा रहे हैं? तो तिलहर विधायक रोशनलाल वर्मा ने साफ तौर पर कहा कि जहां पर स्वामी प्रसाद मौर्य जाएंगे, हम भी वहीं पर रहेंगे। तिलहर विधायक के इन दो टूक शब्दों के बाद अब इस बात की संभावना उत्पन्न हो गई है कि देर सबेर कभी भी भाजपा के कई विधायक एवं योगी आदित्यनाथ सरकार में कई मंत्री अपना इस्तीफा देकर बाहर आ सकते हैं। उधर स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा योगी आदित्यनाथ सरकार से त्यागपत्र देने के बाद बिल्हौर से भाजपा विधायक भगवती प्रसाद सागर एवं बांदा के तिंदवारी विधायक बृजेश प्रजापति ने भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है। राजनैतिक गलियारों में चर्चा दौड रही है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के अलावा मंत्री धर्म सिंह सैनी समेत चार और भाजपा एमएलए कभी भी अपनी पार्टी को छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। चर्चा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कानपुर के बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भगवती प्रसाद सागर भी स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ मुलाकात करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक भाजपा से इनका टिकट कटना तय माना जा रहा था। इसके अलावा पटियाली कासगंज के विधायक ममतेश शाक्य, औरैया बिधूना से विधायक विनय शाक्य और बदायूं शेखुपुर से धर्मेंद्र शाक्य और विधायक नीरज मोर्य भी भाजपा छोड़कर सपा का दामन थाम सकते हैं। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार से कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देकर बाहर आए स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उनके इस फैसले का स्वागत किया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिखा है कि सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और उनके साथ आने वाले सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत है। सामाजिक न्याय का इंकलाब होगा 22 में बदलाव होगा। राजनीति की समझ रखने वाले लोग अब भाजपा के भीतर मचने वाली भगदड़ की तरफ अपना ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।