डांसर सपना चौधरी पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार-वारंट निरस्त की अर्जी खारिज
डांसर सपना चौधरी के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट को निरस्त किए जाने की अर्जी खारिज कर दी गई है;
लखनऊ। डांस का कार्यक्रम रद्द किए जाने के बावजूद दर्शकों द्वारा लिए गए टिकट के पैसे वापस नहीं करने के आपराधिक मामले में अदालत की ओर से सुप्रसिद्ध डांसर सपना चौधरी के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट को निरस्त किए जाने की अर्जी खारिज कर दी गई है। सपना चौधरी की ओर से यह अर्जी उनके वकील ने अदालत के सम्मुख दाखिल की थी। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि हाईकोर्ट ने अभियुक्त सपना चौधरी को स्वयं अदालत में उपस्थित होकर अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट में आदेश में इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है कि किसी अभियुक्त के स्थान पर उनका वकील उपस्थित होकर इस तरह की कोई अर्जी दाखिल करें।
मशहूर डांसर सपना चौधरी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। वर्ष 2019 की 1 मई को डांसर सपना चौधरी के खिलाफ डांस का कार्यक्रम रद्द करने और टिकट का पैसा दर्शको को वापस नहीं करने के मामले को लेकर एक आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ था। जबकि 20 जनवरी 2019 को इस कार्यक्रम के आयोजकों जुनैद अहमद, इवाद अली, अमित पांडे और रत्नाकर उपाध्याय के खिलाफ आईपीसी की धारा में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। अदालत सपना चौधरी समेत अन्य सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र का संज्ञान ले चुकी है। 4 सितंबर 2021 को सपना चौधरी की रिचार्ज अर्जी खारिज हो गई थी। अदालत ने सपना चौधरी के न्यायालय में हाजिर न होने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था। अब सपना चौधरी समेत अन्य सभी आरोपियों पर आरोप तय होने हैं। अदालत की ओर से अब इस मामले में अगली कार्यवाही के लिए 20 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है।