पुलिस की बाजीगरी- जिंदा पत्नी के मर्डर के जुर्म में पुलिस ने पति से...

इसके बाद उसे एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट में पेश किया गया।;

Update: 2025-04-05 12:04 GMT

बेंगलुरु। आमतौर पर कहावत के मुताबिक रस्सी सांप बनाने वाली पुलिस ने पत्नी के मर्डर के जुर्म में पति से जेल कटवा दी। बॉयफ्रेंड के साथ रह रही महिला की हत्या का केस बनाते हुए पुलिस ने पति को जेल भेज दिया। मामला जब उजागर हुआ तो अदालत ने पुलिस अधीक्षक को तलब कर 17 अप्रैल तक पूरी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

दरअसल कर्नाटक के कोडागु जनपद के कुशलनगर के पास एक गांव में रहने वाले सुरेश नामक युवक की पत्नी वर्ष 2020 में अचानक लापता हो गई थी। सुरेश ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत कुशलनगर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।

लापता हुई महिला की तलाश कर रही पुलिस को कुछ समय बाद इलाके में एक महिला का कंकाल मिला। पुलिस ने उस कंकाल को सुरेश की पत्नी का कंकाल मानकर सुरेश को गिरफ्तार कर लिया और मर्डर का मामला दर्ज करते हुए उसके खिलाफ चार्ज शीट भी फाइल कर दी।

सुरेश के वकील के मुताबिक पुलिस ने कंकाल की डीएनए रिपोर्ट आने से पहले ही अदालत में सुरेश के खिलाफ चार्ज शीट दायर कर दी, जबकि कंकाल की जांच के लिए सुरेश की पत्नी की मां के खून के नमूने भेजे गए थे। बाद में जब डीएनए रिपोर्ट आई तो उसमें मेल नहीं था।

फिर भी अदालत ने सुरेश की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी और गवाहों की जांच शुरू कर दी। सुरेश की ओर से गांव वालों द्वारा अदालत में दी गई गवाही में बताया गया कि सुरेश की पत्नी जिंदा है और वह किसी के साथ भाग गई थी। इसके बावजूद पुलिस अपनी रिपोर्ट को सच साबित करने पर अडी रही।

इसी महीने यानी वर्ष 2025 की 1 अप्रैल को सुरेश के दोस्त ने मादीकेरी के एक होटल में जब सुरेश की पत्नी को किसी अन्य व्यक्ति के साथ देखा तो उसने पुलिस को सूचना दी, मौके पर पहुंची पुलिस सुरेश की पत्नी को हिरासत में लेकर थाने लाई।

इसके बाद उसे एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में की गई पूछताछ के दौरान सुरेश की पत्नी ने स्वीकार किया कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई थी और उससे शादी भी कर ली थी।

अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की जांच पर सवाल उठाए और पूछा कि जब महिला जिंदा है तो पुलिस ने किस आधार पर चार्जशीट दायर की? पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं था। अदालत ने अब जिला पुलिस अधीक्षक को तलब करते हुए 17 अप्रैल तक पूरी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।Full View

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