मिटटी से जुड़े अभिनेता का पर्यावरण संरक्षण का संदेश-लगाए नीम के पौधे
बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक आम किसान की तरह अपने खेतों के चारों तरफ नीम के लगभग 5000 पौधे लगाए।;
मुजफ्फरनगर। कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी कमी झेल चुके देश को पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण ही एक बेहतर विकल्प है। मिशन ऑक्सीजन अभियान को गति देते हुए आज भी अपीन जमीन और मिटटी से जुड़े बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक आम किसान की तरह अपने खेतों के चारों तरफ नीम के लगभग 5000 पौधे लगाए।
रविवार को मिशन ऑक्सीजन अभियान की शुरुआत करते हुए बॉलीवुड अभिनेता बुढाना निवासी नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने दोपहर के समय अपने पैतृक गांव सफीपुर पट्टी के जंगल में स्थित अपने खेतों के चारों तरफ नीम के लगभग 5000 पौधे लगवाए। नवाजुद्दीन सिद्दीकी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए वृक्षारोपण की समूचे जनपद में सराहना की जा रही है। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण के दौरान आमतौर पर जींस टीशर्ट में दिखाई देने वाले बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपने खेत पर एक सामान्य किसान की तरह नजर आए। उन्होंने अपने सिर पर सफेद पगड़ी बांध रखी थी और फावड़े व खुरपी की सहायता से मिट्टी खोदकर सबसे पहले गडढे में नीम का पौधा लगाया और फिर उसे पानी भी दिया। कुछ देर बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी खेत में बनी अपनी कुटिया के भीतर बैठ गए। इस मौके पर नवाजद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि मुंबई और मुजफ्फरनगर में बहुत अंतर है। मुंबई मेरी कर्मभूमि है तो मुजफ्फरनगर मेरी जन्मभूमि है। मुंबई में अधिकतर समय में फिल्मों में व्यस्त रहता हूँ और जब भी मौका मिलता है तो मैं मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में अपने गांव लौट आता हूँ। दो वर्ष पहले मैं और मेरे छोटे भाई फैजुद्दीन ने सोचा था कि हम मिलकर अपने खेतों पर नीम के पेड़ लगाएंगे। लेकिन इसी बीच शूटिंग के लिए बाहर जाना पड़ा। पर्यावरण को बचाने के लिए देश का हर व्यक्ति चाहे वो अभिनेता हो या नेता सभी को पर्यावरण का महत्व समझना चाहिए। उन्होंने नये कृषि कानूनों को लेकर कहा कि किसान आंदोलन में क्या कुछ चल रहा है इसकी मुझे जानकारी नहीं है। लेकिन अगर आंदोलन में कोई हिंसा होती हैं उसकी सभी निंदा ही करेंगे। वैसे मेरी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है।