सूचना निदेशक ने तैयार किया रोडमैप, अब अखबारों में प्रकाशित समाचारों पर लिया जायेगा संज्ञान

सूचना निदेशक ने तैयार किया रोडमैप, अब अखबारों में प्रकाशित समाचारों पर लिया जायेगा संज्ञान

लखनऊ। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के निर्देश पर सूचना विभाग के निदेशक शिशिर द्वारा तैयार किये गये रोडमैप का अब प्रदेशभर से अच्छा रेस्पाॅंस आने लगा है। सूचना विभाग द्वारा अखबारों में विभिन्न विभागों की कमियों अथवा अफसरों की लापरवाही से सम्बन्धित प्रकाशित समाचारों की कटिंग को अब सम्बन्धित विभागों को भेजकर उनकी आख्या प्राप्त करने से जहां विभागों में हड़कम्प की स्थिति है, वहीं जनसमस्याओं के निपटारे में भी तेजी आयी है। सूचना विभाग के नये रोडमैप के बाद अब समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों को अन्यथा नहीं लिया जा सकेगा।

बता दें कि अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने सूचना विभाग के निदेशक शिशिर को एक ऐसी योजना बनाने को कहा था, कि जिसमे प्रदेश भर के हर जिले के समाचार पत्रों में जनसमस्याओं को लेकर प्रकाशित होने वाली खबरों को मुख्यालय स्तर पर एकत्र कर संबंधित विभागों को तत्काल प्रेषित कर उन समस्याओं का निराकरण कराया जा सके और सरकार की नजर में कोई जनसमस्या अनदेखी न रह जाये।

सूचना निदेशक शिशिर के निर्देश पर विभाग के प्रभारी अपर निदेशक श्रीनिवास त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक विनोद पाण्ड़ेय व उप निदेशक सूचना हेमंत सिंह ने योजना बनाकर इस पर अमल करना शुरू कर दिया है। अब सभी सूचना कार्यालयो से हर रोज वहां से प्रकाशित या प्रसारित होने वाले समाचार पत्रों में जिन विभागो की कमियां, जन समस्या तथा अधिकारियो की सरकारी योजनाओं में लापरवाही के समाचारो की कटिंग मेल द्वारा सूचना मुख्यालय में प्रतिदिन भेजी जाती है और प्रदेश भर के सूचना कार्यालयो से आई समाचारों की कटिंग एकत्र कर संबंधित विभागाध्यक्षों व जिलों के सम्बन्धित अधिकारियो को प्रेषित किया जा रहा है। इतना ही नहीं सम्बन्धित विभागो या कार्यालयों द्वारा उस पर क्या कार्यवाही हुई, उसकी एक प्रति जिला सूचना कार्यालय व सूचना मुख्यालय भेजने का अनुरोध किया जा रहा है।

जानकारों की मानें तो सूचना विभाग के इस प्रयास का विभिन्न विभागों व जिलों से अच्छा रेस्पाॅंस मिल रहा है। सूचना विभाग द्वारा सम्बन्धित जिलों व विभागो व निदेशालयों भेजी गई कटिंग पर उनके द्वारा कार्यवाही की गई है। इस योजना के परिणाम निश्चित तौर पर योगी सरकार को आम जनता से करीब से जोड़ने में कारगर साबित होंगे और मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ की छवि एक संवेदनशील मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित हो सकेगी।

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